कैसे काम करता है Satellite Phone? जिससे पकड़ में आए पहलगाम के आतंकी, Operation Mahadev की सफलता में बना हथियार
Satellite Phone Hashim Musa Encounter: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए दर्दनाक आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। इस हमले का मास्टरमाइंड और ऑन-ग्राउंड ऑपरेशनल प्लानर हाशिम मूसा था। इसके बाद से ही सुरक्षा एजेंसियां ऑपरेशन महादेव के तहत इस खूंखार आतंकी की तलाश में जुट गई थीं। 28 जुलाई को भारतीय सुरक्षाबलों ने एक बड़े एनकाउंटर में मूसा को घने जंगलों में मार गिराया। लेकिन सवाल है कि दुर्गम पहाड़ियों और गहराई वाले जंगलों में छिपे मूसा तक सेना पहुंची कैसे? इसका जवाब है, सैटेलाइट फोन।
अब सवाल उठता है, क्या होता है सैटेलाइट फोन? कैसे करता है यह काम? और क्यों आतंकी इसके ज़रिये करते हैं संपर्क? जानिए इस रिपोर्ट में सैटेलाइट फोन से जुड़ी पूरी जानकारी।

क्या होता है सैटेलाइट फोन और कैसे करता है काम?
- सैटेलाइट फोन, जिसे आमतौर पर 'सैट फोन' कहा जाता है, सामान्य मोबाइल फोन से अलग होता है। यह मोबाइल टावर पर निर्भर नहीं करता, बल्कि सीधे अंतरिक्ष में मौजूद सैटेलाइट से सिग्नल प्राप्त करता है।
- मोबाइल फोन नजदीकी टावर से सिग्नल पकड़ता है, लेकिन पहाड़ों या सुदूर इलाकों में टावर की मौजूदगी नहीं होने से ये काम नहीं करता।
- सैट फोन सीधे पृथ्वी की कक्षा में घूम रहे उपग्रह से संपर्क करता है। इसमें कॉलिंग, मैसेजिंग और अब इंटरनेट जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं।
- पाक समर्थित आतंकी अक्सर सैटेलाइट फोन का इस्तेमाल करते हैं ताकि वे पकड़े न जाएं और ट्रैकिंग से बच सकें।
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कैसे सैट फोन बना हाशिम मूसा की मौत की वजह?
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम को ध्वस्त कर दिया था, जिससे आतंकियों को यह साफ हो गया था कि उनका चीनी तकनीक पर आधारित कम्युनिकेशन अब सुरक्षित नहीं है। लेकिन मूसा ने इस संकेत को गंभीरता से नहीं लिया।
- सुरक्षा एजेंसियों ने 11 जुलाई को बैसारन घाटी में एक सैटेलाइट फोन का सिग्नल ट्रेस किया
- यह इलाका इतना घना और दुर्गम है कि वहां स्थानीय लोग भी नहीं जाते
- जांच में पाया गया कि यह सिग्नल आतंकियों के बीच हो रही बातचीत का हिस्सा है, जो हाशिम मूसा और उसके साथियों से जुड़ा था।
इसके बाद शुरू हुआ ऑपरेशन महादेव, जिसमें सेना और खुफिया एजेंसियों ने उस जंगल को घेर लिया और सटीक कार्रवाई में हाशिम मूसा को ढेर कर दिया।
टेक्नोलॉजी + ताकत= ऑपरेशन महादेव सफल!
इस ऑपरेशन ने एक बार फिर साबित किया कि भारत की सुरक्षा एजेंसियां सिर्फ हथियारों पर नहीं, बल्कि तकनीक और रणनीति पर भी पूरी तरह निपुण हैं। सैटेलाइट फोन की लोकेशन ट्रैकिंग से लेकर सटीक जमीनी कार्रवाई तक, ऑपरेशन महादेव आने वाले समय में आतंक के खिलाफ भारत की निर्णायक कार्रवाई का प्रतीक बन गया है।












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