TMC सांसद सुष्मिता देव का अनुरोध, मैरिज बिल को लेकर सभी महिला सांसदों की हो एक ओपन मीटिंग
नई दिल्ली, जनवरी 03। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में पेश किए गए बाल विवाह निषेध (संशोधन) विधेयक को लेकर विपक्ष ने खूब हंगामा किया था। अब जब सत्र खत्म हो गया है तो इस विधेयक को संसद की स्थायी समिति के पास भेजा गया है। उस स्थायी समिति में एकमात्र महिला सांसद तृणमूल कांग्रेस की सुष्मिता देव हैं, जिन्होंने राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू को एक खत लिखा है और मांग की है कि सदन में एक ओपन मीटिंग आयोजित की जाए, जिसमें सभी महिला सांसदों को शामिल कर इस विधेयक पर उनकी राय मांगी जाए।

21 दिसंबर को लोकसभा में पेश हुआ था ये विधेयक
आपको बता दें कि इस विधेयक में महिलाओं की शादी की उम्र को 18 साल से बढ़ाकर 21 साल किए जाने का प्रस्ताव है। 21 दिसंबर को ये विधेयक लोकसभा में पेश हुआ था, लेकिन विपक्ष के हंगामे की वजह से ये पारित नहीं हो पाया, जिसके बाद इस विधेयक को स्थायी समिति के पास भेजा गया।
31 सदस्यों की समिति करेगी विधेयक की जांच
इस विधेयक को शिक्षा, महिला बाल विकास, युवा और खेल मामलों से जुड़ी स्थायी समिति के पास समीक्षा के लिए भेजा गया है। ये समिति तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। इस समिति की अध्यक्षता बीजेपी सांसद विनय सहस्रबुद्धे कर रहे हैं। उनके अलावा इस समिति में 30 सदस्य हैं।
क्या कहा सुष्मिता देव ने?
- संसद की स्थायी समिति का हिस्सा बनी टीएमसी सांसद सुष्मिता देव ने सोमवार को सहस्रबुद्धे को पत्र लिखकर विधेयक के मुद्दे पर समिति की एक ओपन मीटिंग की मांग की, जिसमें सभी महिला सांसद हिस्सा लें। उन्होंने कहा कि राज्य सभा (राज्य सभा) में प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमों के नियम 84(3) और 275 के तहत किया जा सकता है।
- सुष्मिता देव ने अपने बयान में कहा है, "मैं एक प्रस्ताव देना चाहती हूं कि लोकसभा और राज्यसभा दोनों की किसी भी महिला सदस्य को इस मुद्दे पर समिति के समक्ष लिखित या व्यक्तिगत रूप से गवाही देने का अधिकार दिया जाए।" उन्होंने कहा, "मुझे यकीन है कि मेरी सभी माननीय महिला सहयोगियों के पास इस मुद्दे पर चर्चा में योगदान देने के लिए बहुत कुछ होगा।" आपको बता दें कि लोकसभा और राज्यसभा में क्रमश: 81 और 29 महिला सांसद हैं।












Click it and Unblock the Notifications