Oommen Chandy Profile: ओमान चांडी, देश के एकमात्र CM, जिन्हें लोगों की सेवा के लिए UN ने किया था सम्मानित
Oommen Chandy Profile: केरल के 10वें मुख्यमंत्री ओमान चांडी का आज सुबह बेंगलुरू के चिन्मय मिशन अस्पताल में निधन हो गया। ओमान चांडी 2004-2006 और 2011-2016 के बीच केरल के मुख्यमंत्री रहे।
इसके अलावा 2006-2011 के बीच वह केरल में विपक्ष के नेता भी रहे। वह केरल विधानसभा में सबसे लंबे समय तक रहने वाले विधायक भी हैं। वह एकमात्र भारतीय मुख्यमंत्री हैं जिन्हें युनाइटेड नेसंश ने पब्लिक सर्विस के लिए सम्मानित किया है।

राहुल गांधी ने ओमान चांडी को 6 जून 2018 को ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी का महासचिव बनाया था, इसके अलावा उन्हें आंध्र प्रदेश का इंचार्ज भी बनाया था। अपने आखिरी दिनों में चांडी कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य थे।
ओमान चांडी के शुरुआती दिनों की बात करें तो उनका जन्म 31 अक्टूबर 1943 में हुआ था। वह केरल के कोट्टयम जिले के पुथुपल्ली में पैदा हुए थे। वह केरल स्टूडेंज यूनियन में बतौर एक्टिविस्ट शामिल हुए थे, जोकि कांग्रेस पार्टी की स्टूडेंट विंग है। इसके बाद वह प्रदेश संगठन के अध्यक्ष बने।
ओमान चांडी की शिक्षा की बात करें स्कूली शिक्षा उन्होंने कोट्टयम स्थित सीएमएस कॉलेज से की थी। इसके बाद सेंट बर्चमैंस कॉलेज से उन्होंने बीए इकॉनोमिक्स की पढ़ाई की थी। इसके बाद इर्नाकुलम स्थित सरकारी लॉ कॉलेज से एलएलबी की डिग्री हासिल की।
राजनीति में ओमान चांडी का सफर काफी लंबा रहा था। केरल स्टूडेंट यूनियन के वह 1967-69 तक प्रदेश अध्यक्ष रहे। 1970 में उन्हें प्रदेश युवा कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया था। वह पांच दशक तक पुथुपल्ली विधानसभा सीट से विधायक रहे। वह 1970, 1977. 1980, 1982, 1987, 2001, 2006, 2011, 2021 में इस सीट से विधायक रहे।
पब्लिक अकाउंट कमेटी के वह 1996-98 के बीच चेयरमैन भी रहे। साथ ही वह के करुणाकरण सरकार में श्रम मंत्री रहे, एके एंटनी की सरकार में भी श्रम मंत्री रहे। के करुणाकरन की सरकार में वह एक बार गृह और वित्त मंत्री भी रह चुके हैं।












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