बाबुओं की विदेश यात्रा पर सरकारी आदेश की गाज, चार से अधिक विदेश यात्रा मान्य नहीं
सरकार ने बाबुओं की विदेश यात्राओं पर लगाम कस दी है। ज्यादा से ज्यादा विदेशी दौरों पर रहने वाले सरकारी बाबू केवल चार बार ही विदेश जा सकेंगे। नए सरकारी आदेश के अनुसार बाबूओं की चार बार से अधिक विदेश यात्रा मान्य नहीं होगी। इसके अतिरिक्त किसी अधिकारी को 4 से अधिक विदेश यात्रा के लिये उसका पूरा ब्यौरा देना होगा। यात्राएं केवल कुछ खास मामलों में काम की जरूरत को देखते हुए की जा सकेगी। कहा गया है कि सचिव स्तर के अधिकारियों को तब तक विदेश नहीं जाना चाहिए जब तक कि वहां उनकी उपस्थिति अनिवार्य नहीं है। उनके स्थान पर अतिरिाक्त सचिव और संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी भी नहीं जा सकते हैं।
सरकार ने खर्चों में मितव्ययिता के चलते सरकारी बाबुओं के विदेश दौरों पर कुछ नए प्रतिबंध लगा दिए हैं। सरकारी आदेश के मुताबिक, किसी एक कैलेंडर वर्ष में कोई भी सरकारी अधिकारी 4 से अधिक सरकारी विदेश यात्रा नहीं कर सकेगा। आदेश में कहा गया है कि सम्मेलनों, पढ़ाई के लिए विदेश जाने अथवा शोध पत्रों की प्रस्तुति के लिए की जाने वाली विदेश यात्रा के लिए यात्रा खर्च प्रायोजकों द्वारा उठाया जाना होगा। सरकारी खर्च पर इस तरह की यात्रा की मंजूरी नहीं होगी।
कहा गया है कि विदेश यात्रा पर जाने वाले प्रतिनिधिमंडल का आकार और विदेश प्रवास की अवधि कम से कम रखनी होगी। सरकार ने यह भी कहा है कि सार्वजनिक उपक्रमों के खर्च पर भी विदेश यात्रा को हतोत्साहित किया जाना चाहिये। जब तक संबंधित सार्वजनिक उपक्रमों से जुड़े मामले में यात्रा की आवश्यकता नहीं हो एेसा खर्च नहीं होना चाहिए।
सरकारी विभागों में में जरुरत से ज्यादा खर्चे वाले अन्य कार्यों पर भी कटौती की गाज गिर सकती है।












Click it and Unblock the Notifications