एक साथ चुनाव कराने की दिशा में मोदी सरकार बढ़ा रही कदम, ये रहा सबूत
नई दिल्ली। पूरे देश में एक साथ चुनाव कराने की दिशा में सरकार और उसकी सहयोगी संस्थाएं एक बड़े प्लान पर काम कर रही हैं। देश में पंचायत चुनाव से लेकर लोकसभा के चुनाव तक के लिए एक ही वोटर लिस्ट बनाने पर काम चल रहा है। इसको लेकर संबंधित संस्थाएं जुटी हुई हैं। पार्लियामेंट स्टेंडिंग कमेटी और उसके बाद लॉ कमीशन ऑफ इंडिया के एक साथ चुनाव को लेकर सकारात्मत रुख अपनाने के बाद इस ओर ये बड़ी कोशिश है।

लॉ कमीशन ऑफ इंडिया ने उठाया सवाल
इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय से भी सहयोग मिल रहा है। देश में एक साथ सभी चुनाव को लेकर बुलाई गई मीटिंग में लॉ कमीशन ऑफ इंडिया ने चुनाव आयोग के सामने ये सवाल उठाया कि आखिर देश में एक साथ पंचायत से लेकर विधानसभा और लोकसभा के चुनाव संभव नहीं हैं। इस आइडिया को भाजपा, प्रधानमंत्री और कई भाजपा शासित राज्यों का समर्थन है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश ने एक साथ चुनाव में आने वाली मुश्किलों पर रिपोर्ट के लिए स्पेशल कमेटियां भी गठित की हैं।

लॉ कमीशन ने दी थी रिपोर्ट
कार्मिक मंत्रालय से जुड़ी संसदीय समिति ने भी कुछ समय पहले सिफारिश की है कि देश में पंचायत से लेकर लोकसभा चुनाव तक एक वोटर लिस्ट होनी चाहिए। इससे पहले अप्रैल में देश में विधानसभा और लोकसभा का इलेक्शन साथ कराने को लेकर लॉ कमीशन के एक आंतरिक वर्किंग पेपर में बड़ा दावा किया गया था।
इस रिपोर्ट के मुताबिक 2019 के लोकसभा चुनावों के साथ कुछ राज्यों के विधानसभा चुनाव और 2014 के लोकसभा चुनाव के साथ कुछ राज्यों के विधानसभा चुनाव कराए जा सकते हैं। विधानसभा और लोकसभा चुनाव एक साथ दो चरणों 2019 और 2024 में कराए जा सकते हैं।

प्रधानमंत्री के समर्थन से चर्चा में आया ये आइडिया
देश में एक साथ चुनाव को लेकर बहस पुरानी है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक ही समय लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराने लेकर बयान के बाद ये चर्चा में है। मोदी ने कहा था कि इससे देश का समय और पैसा बचेगा। जिसके बाद इसको लेकर लगातार विमर्श चल रहा है। हालांकि देश में एक साथ चुनाव कराने में कई मुश्किलें हैं और विशेषज्ञों का मानना है कि इसे जमीन पर उतारना बहुत आसान नहीं है।












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