कोरोना की वैक्सीन की सिंगल डोज मौत को रोकने में 96.6% प्रभावी, दूसरी खुराक 97.5%: सरकारी डेटा
कोरोना की वैक्सीन की सिंगल डोज मौत को रोकने में 96.6% प्रभावी, दूसरी खुराक 97.5%: सरकारी डेटा
नई दिल्ली, 10 सितंबर: स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक डेटा जारी किया है, जिससे ये पता चला है कि कोरोना की वैक्सीन की सिंगल डोज मौत को रोकने में 96.6% प्रभावी है। वहीं कोविड-19 वैक्सीन की दूसरी खुराक 97.5% प्रभावी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार (09 सितंबर) को जारी राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान के चार महीने के आंकड़ों पर रिसर्च करने के बाद ये डेटा जारी किया है। सरकारी डेटा में इस बात की पुष्टि हुई है कि वैक्सीन गंभीर बीमारी से लगभग पूर्ण रूप से सुरक्षा प्रदान करते हैं और कोरोना से होने वाली मौतों से भी बचाने में सक्षम है।

18 अप्रैल से 15 अगस्त के बीच कोविड-19 वैक्सीनेशन के रियल टाइम डेटा से पता चलता है कि कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लेने के बाद ये मौत को रोकने में 97.5 प्रतिशत प्रभावशाली है।
वैक्सीन मौत को रोकेन में कितना सक्षम है, इसको लेकर जारी किए गए आंकड़े अहम हैं। देश में वयस्क आबादी के 58 प्रतिशत को पहली खुराक मिल चुकी है। वहीं 18 प्रतिशत पूरी तरह से वैक्सीनेट हैं, यानी उनको दोनों डोज लग चुकी है।
भारत के कोविड -19 टास्क फोर्स के प्रमुख डॉ वी के पॉल ने कहा, ''इस डेटा से पता चलता है कि राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान में इस्तेमाल किए जा रहे टीके, पहली खुराक के बाद भी, गंभीर बीमारी और मृत्यु के खिलाफ 95 प्रतिशत तक सुरक्षा प्रदान करते हैं। यह स्पष्ट है कि महामारी के खिलाफ अपनी लड़ाई में हम जिन टूल का उपयोग कर रहे हैं, उनमें वैक्सीन सबसे अहम है। वैक्सीन कोरोना के खिलाफ सबसे महत्वपूर्ण कवच है जो हमें मौत से बचा रहा है। यह भी स्पष्ट है कि यदि आप वैक्सीन की दोनों डोज लेते हैं तो गंभीर बीमारी और मृत्यु से लगभग पूर्ण सुरक्षा होती है।''
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डॉ वी के पॉल ने कहा, ''हमारे पास फिलहाल वैक्सीन की कमी नहीं है। इसलिए जिन लोगों ने अभी तक वैक्सीन की पहली खुराक भी नहीं ली है, उन्हें लेने की जरूरत है। हमें 100 प्रतिशत फर्स्ट डोज कवरेज को और भी तेजी से हासिल करना है। क्योंकि वैक्सीन ही कोरोना से होने वाली मौतों को रोक सकता है।''












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