अगले साल एयर फोर्स डे पर पूरा होगा तेजस का एक सपना
बेंगलुरु। डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन यानी डीआरडीओ की ओर से जानकारी दी गई है कि पांच तेजस की एक स्क्वाड्रन को अगले वर्ष एयरफोर्स डे के मौके पर हिंडन में कलाबाजी के साथ ही सबके सामने लाया जाएगा। तेजस देश में बना पहला स्वदेशी फाइटर जेट है। गुरुवार को इंडियन एयरफोर्स अपना 83वां स्थापना दिवस मना रही है।

डीआरडीओ अधिकारी ने दी जानकारी
डीआडीओ के एक वरिष्ठ इस अधिकारी की मानें तो वर्ष 2016 में एयरफोर्स डे के मौके पर तेजस भी हिस्सा लेगा। इस दौरान यह अपनी बम बरसाने की क्षमता के साथ ही दूसरी क्षमताओं का प्रदर्शन करता हुआ नजर आएगा।
इस अधिकारी का कहना था कि कम से कम पांच तेजस तो आसमान में करतब दिखाते हुए नजर आने ही वाले हैं। पिछले कुछ समय से तेजस के विरोधी यह भी कह रहे हैं कि यह फाइटर जेट बाकी जेट्स की तुलना में कम प्रभावशाली है।
इस अधिकारी ने इन सारी बातों को खारिज कर दिया। इनका कहना है कि आने वाला समय ही देश में तैयार इस कॉम्बेट जेट की क्षमताओं और इसकी काबलियित को साबित कर पाएगा।
तेजी से चल रहा स्क्वाड्रन पर काम
तेजस की स्क्वाड्रन का काम बेंगलुरु में तेजी से जारी है और करीब 60 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। इस वर्ष नवंबर में तेजस के सिमल्यूटर पर क्रू को ट्रेनिंग देने का काम भी पूरा कर लिया जाएगा। ग्राउंड सपोर्ट इक्विपमेंट और ग्राउंड हैंडलिंग इक्विमेंट की खरीद का 70 प्रतिशत काम भी पूरा हो चुका है।
इंडियन एयरफोर्स तेजस स्क्वाड्रन को बेंगलुरु और तमिलनाडु के सुलुर जिले से ऑपरेट करने की योजना तैयार कर रही है। इंडियन एयरफोर्स को हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड की ओर से 20 तेजस तैयार करके सौंपने हैं।
अगले छह माह में होंगे और ट्रायल्स
तेजस के हथियारों से जुड़े एक सवाल के जवाब में इस अधिकारी ने जवाब दिया कि तेजस ने हर तरह के मौसम में अपना ट्रायल इस वर्ष जुलाई में पूरा कर लिया है। इस अधिकारी के मुताबिक तेजस ने 48 डिग्री के तापमान पर भी अपना ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया है। अगले छह माह के दौरान इसमें और हथियार इंस्टॉल कर दिए जाएंगे।
डीआरडीओ फिलहाल तेजस के फाइनल ऑपरेशनल क्लीयरेंस यानी एफओसी की तैयारी कर रहा है। तेजस को एफओसी फिलहाल डीआरडीओ का टॉप एजेंडा है।












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