घबड़ाएं नहीं, सारे कोरोना वायरस जानलेवा नहीं होते, जानिए डेंजरस- नॉन डेंजरस वायरस के लक्षण!
बेंगलुरू। चीन के वुहान शहर से फैला घातक कोरोना वायरस ने अब तक कुल 2112 लोगों की जिंदगी छीन ली है, लेकिन क्या आपको पता है कि कोरोना वायरस के कई प्रकार होते हैं और चीन में फैले के घातक कोराना वायरस, जिसे नोवल कोराना वायरस की तुलना अन्य कोरोना वायरस जानलेवा नहीं होते हैं।

जी हां, यह सच है। इसलिए कोरोना वायरस से खौफज़दा होने से ज्यादा जरूरी यह पता करना है कि आप कैसे कोरोना वायरस से संक्रमित हैं या संक्रमित हैं भी या नहीं हैं। यह जांच प्रक्रिया से ही पता लगेगा। क्योंकि हल्की सर्दी, खांसी और जुकाम से पीड़ित मरीज नोवल कोरोना वायरस से संक्रिमत होगा, यह हास्यास्पद बात है।

गौरतलब है चीन में फैले कोरोना वायरस के घातक परिमाण से पूरा विश्व खौफज़दा है, लोग सामान्य खांसी, जुकाम और ख़राश से घबड़ाकर कोरोना वायरस के संक्रमण से घबराए हुए हैं। रोचक तथ्य है कि अभी तक कोरोना वायरस से हुई 2112 मौतों में से सिर्फ 8 की मौत चीन के बाहर हुईं है।

सुखद बात यह है कि भारत में अभी किसी भी संदिग्ध मरीज की मौत घातक कोरोना वायरस से नहीं हुई है। भारत में केरल में सबसे पहले दो नर्सों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की रिपोर्ट मिली थी, लेकिन अब दोनों मरीज पूरी तरह ठीक हो गई हैं और उन्हें डिस्चार्ज भी कर दिया है। इसी तरह दिल्ली और जयपुर में कई संदिग्ध कोरोना वायरस पीड़ितों की पहचान की गई थी, लेकिन उनके भी तबियत बेहतर है।

चीन के वुहान शहर से फैले कोरोना वायरस से होने वाली ज्यादातर मौतें सबसे हुबेई प्रांत में दर्ज की गई हैं। चीनी स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक चीन में अभी भी कोरोना वायरस से संक्रमित करीब 74 हजार से ज्यादा मरीजों का उपचार हो रहा है।

हुबेई प्रांत के स्वास्थ्य आयोग का कहना है कि गत गुरूवार को अकेले हुबेई प्रांत में कोरोना वायरस के 349 नए मामले सामने आए, जिसमें से 108 लोगों की मौत हो चुकी है यानी अकेले हुबेई प्रांत में 2029 लोग घातक नोवेल कोरोना वायरस के शिकार होकर अपना जान गंवा चुके हैं।

उल्लेखनीय है कोरोना वायरस पहली बार वुहान शहर में पिछले साल दिसंबर में उत्पन्न हुआ था और वहां से भारत समेत दुनिया भर फैले कोरोना वायरस के कहर से चीन के बाहर कुल 8 लोगों की मरीज हो चुकी है। इस आंकड़े में ईरान में दो मरीजों की मौत शामिल है।

अपुष्ट खबरों के मुताबिक चीन में 23000 कोरोना मरीजों की मौत हो चुकी है, लेकिन चीनी सरकार आंकड़ों को छुपा रही है। एक न्यूज वेबसाइट और चीन की दूसरी बड़ी टेक कंपनी टेनशेंट से के सर्वर से लीक हुए डेटा में दावा किया गया कि चीन में कोराना वायरस से हुई मौतों को आंकड़ा आधिकारिक आंकड़ों से अधिक है।

गौर करने वाली बात यह है कि कोरोना वायरस कोई नया वायरस नहीं है। दरअसल, चीनी में फैली नोवल नामक (इसे COVID-19 के नाम से भी पुकारते हैं।) नई प्रकार की कोरोना वायरस पूरी दुनिया में फैले खौफ के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार है, जिसकी वजह से अब तक अकेले चीन में 2112 लोगों की जान जा चुकी है और लाखों लोग अभी भी इस घातक वायरस से संक्रमण से जूझ रहे हैं।

भारतीय चिकित्कों की मानें तो अलग-अलग प्रकार के कोरोना वायरस हमारे आसपास पहले से ही एक्टिव है, जो चीन में फैले नोवल कोरोना वायरस से कम घातक हैं। चिकित्सकों के मुताबिक घातक नोवेल कोराना वायरस की तुलना अन्य कोराना वायरस के प्रकार जानलेवा नहीं होते हैं।

चिकित्सकों के मुताबिक एक परिवार की तरह कोरोना वायरस के कई प्रकार हैं, जो पूरी दुनिया में एक्टिव हैं। यानी कि हमारे बीच कॉमन रूप से पहले से ही कोरोना वायरस के 4 वायरस एक्टिव हैं, जो कि बेहद साधारण है, जिनसे आमतौर पर कोई नुकसान नहीं होता। यहां तक कि संक्रमित इंसान को पता भी नहीं लगता है कि उनके शरीर में यह वायरस मौजूद है।

लेकिन मौजूदा दौर में कोरोना वायरस के खौफ और उसके लक्षणों से परिचित हो चुके लोग अब हल्की खांसी, ठंड लगने और जुकाम या खराश होने पर संक्रमण की आशंका में जांच के लिए लैब पहुंच रहे हैं और रिपोर्ट पॉजिटिव भी आते ही घबड़ा जाते हैं, लेकिन नए तथ्य के मुताबिक भारत में अभी लोग घातक (चीन में फैले नोवल कोराना वायरस) कोरोना वायरस से पीड़ित नहीं हैं।

भारत में ऐसे भी रिपोर्टे आईं हैं, जब आंशकित लोग प्राइवेट लैब में जाकर जांच करवा रहे हैं और रिपोर्ट पॉजिटिव आते ही उन्होंने आसमान सिर पर उठा लिया। तो सबसे पहले यह समझना और समझाना जरूरी है कि कितने प्रकार के कोराना वायरस हमारे बीच मौजूद हैं।

चिकित्सकों के मुताबिक हमारे बीच चार सामान्य कोराना वायरस हमेशा मौजूद रहते हैं। इनमें पहला है 229E अल्फा कोरोना वायरस है। दूसरा है एनएल63 अल्फा कोरोना वायरस, तीसरा ओसी43 बीटा कोरोना वायरस के नाम से प्रचलित है और तीसरा और आखिरी एचकेयू1 बीटा कोरोना वायरस है। उक्त चारो कोरोना वायरस के प्रकार किसी भी तरह से जानलेवा नहीं है।

चीन में फैले कोरोना वायरस, जिसकी पहचान '2019 नोवल कोरोना वायरस' के रूप में हुई है, जिसे COVID-19 के नाम से भी जानते हैं। इस प्रकार का कोरोना वायरस जानलेवा ही नहीं, विध्वंशक भी है। विध्वंशक इसलिए क्योंकि यह संक्रमित मरीज से किसी दूसरे स्वस्थ शरीर में प्रवेश करने में 15 सेकेंड से कम समय लेता है। यही कारण है कि नोवेल कोरोना वायरस तेजी से एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलता गया है और लोगों अपनी जान गंवाते गए हैं।
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