'ओडिशा के स्मार्ट स्कूल का उद्देश्य कैसे होगा पूरा', संस्कृत विषय के टीचर की कमी पर छात्र ने उठाए सवाल
ओडिशा में कक्षा 9 के एक छात्र ने स्कूल में शिक्षकों की कमी को लेकर सवाल उठाए हैं। इसको लेकर स्टूडेंट ने एक पत्र लिखा, जिसमें स्कूल में शिक्षकों को उजागर किया गया है। परीक्षा के दौरान अपनी उत्तर पुस्तिका में छात्र ने प्रश्न का उत्तर लिखने के बजाय स्कूल में शिक्षा की स्थिति का जिक्र किया। छात्र ने कहा कि हमारे स्कूल में शिक्षक नहीं है।
जाजपुर के खैराबाद पंचायत में प्रहलादचंद्र ब्रह्मचारी हाई स्कूल के कक्षा-9 के एक छात्र ने संस्कृत भाषा की उत्तर पुस्तिका में लिखा, "हमारे पास कोई शिक्षक नहीं है, इसलिए बहुत अधिक उम्मीद न करें"। छात्र की उत्तर पुस्तिका में लिखे शब्द अब वायरल हो रहे हैं। जिसमें ओडिशा में स्कूलों की स्थिति चिंतित करने वाली है।

इसको लेकर लोगों ने बड़े पैमाने पर प्रतिक्रियाएं दीं। ऐसे में एक बार फिर ओडिशा के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी पर शिक्षा विभाग की किरकिरी हो रही है। दरअसल, कटक के निवासी प्रशांत कुमार बेहरा ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा की व्यवस्था और 5T पहल पर कई सवाल उठाए हैं। छात्र ने परीक्षा के दौरान आंसर सीट में लिखा, "शिक्षा में पहली प्राथमिकता शिक्षकों की नियुक्ति है। स्कूलों को स्मार्ट बनाने से शिक्षा का उद्देश्य पूरा नहीं होगा। क्या अच्छे डेस्क, टेबल और स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक ब्लैकबोर्ड छात्रों को पढ़ाएंगे? शिक्षक ही शिक्षा देंगे। इसलिए, प्राथमिकता पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की व्यवस्था करना होनी चाहिए।"
बेहरा ने शिक्षक नियुक्ति की उपेक्षा के लिए ओडिशा सरकार को भी जिम्मेदार ठहराया। जिसको लेकर मिलेनियम सिटी के एक अन्य निवासी सुकांत मोहंती ने कहा, "हमारे बच्चे देश का भविष्य हैं। हमारी मूल भाषा संस्कृत है। यह देखकर दुख होता है कि आजकल भाषा को महत्व नहीं दिया जाता। कम से कम स्कूल स्तर पर संस्कृत को जारी रखा जाना चाहिए।
वहीं भद्रक में चंदबली के दिलीप राउत ने कहा, "सरकार शिक्षा क्षेत्र में कोई ऐसी प्रणाली विकसित नहीं कर रही है जो छात्रों के उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करेगी। अगर अच्छे छात्र तैयार होंगे तो देश के साथ-साथ ओडिशा का भी भविष्य उज्ज्वल होगा। ये छात्र देश और राज्य को आगे ले जाएंगे।"












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