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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ओडिशा की पहली ट्रांसजेंडर अफसर बंधेंगी शादी के बंधन में

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    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट द्वारा धारा 377 को लेकर दिए गए एतिहासिक फैसले का असर अब दिखना शुरु हो गया है। समान लिंग के बीच सहमति से स्थापित किए गए शारीरिक संबंधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने के बाद लोग खुलकर समाज के सामने आ रहे है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अब ओडिशा की पहली और एक मात्र ट्रांसजेंडर सरकारी अफसर ऐश्वर्या रितुपर्णा प्रधान शादी के बंधन में बंधने जा रही है। वह एक ट्रांसजेंडर से ही शादी करने वाली हैं।

    दोस्त के साथ लिव इन रिलेशनशिप है

    दोस्त के साथ लिव इन रिलेशनशिप है

    ऐश्वर्या ओडिशा फाइनेंस सर्विस (ओएफएस) अफसर हैं। फिलहाल वह पारद्वीप पोर्ट टाउन में वाणिज्यिक कर अधिकारी हैं। उनका कहना है कि इस फैसले के बाद वह आजाद महसूस कर रही हैं। ऐश्वर्या रितुपर्णा ने कहा है कि काफी लंबे समय से अपने दोस्त के साथ लिव इन रिलेशनशिप है। सुप्रीम कोर्ट की इस ऐतिहासिक राय के बाद मेरी अंतरआत्मा जो पाना चाहती थी, वह अब पूरा होगा। हालांकि उन्होंने शादी से पहले अपने पुरुष दोस्त का नाम बताने से मना कर दिया है।

    मैं अपने पार्टनर के साथ दो साल से लिव इन में रह रही हूं

    मैं अपने पार्टनर के साथ दो साल से लिव इन में रह रही हूं

    ऐश्वर्या पहले रतिकांत प्रधान नाम से जानी जाती थी। 15 अक्टूबर वर्ष 2015 को उन्होंने लिंग परिवर्तन करा कर ऐश्वर्या ऋतुपर्णा प्रधान हो गई। 2014 में जब सुप्रीम कोर्ट ने थर्ड जेंडर को बाकायदा पहचान दी, तब उन्होंने अपने आपको पुरुष से थर्ड जेंडर के रूप में दिखाया। इसके बाद ओडिशा सरकार ने बाकायदा नोटिफिकेशन जारी कर उनकी पहचान को मान्यता दी। ऐश्वर्या का कहना है कि मेरे जीवन में कुछ भी छिपा नहीं है। मैं अपने पार्टनर के साथ दो साल से लिव इन में रह रही हूं। अब हम जल्द शादी करने जा रहे हैं।

    मेरे अपने पिता भी मेरा बहुत मजाक उड़ाया

    मेरे अपने पिता भी मेरा बहुत मजाक उड़ाया

    उनका कहना है कि अगर कानून ने इजाजत दी तो वह शादी के बाद कन्या गोद लेंगी। ऐश्वर्या ने बताया कि, बचपन में मैने बहुत मुश्किलों का सामना किया है। मुझे स्कूल में बच्चे तो चिढ़ाते ही थे, मेरे अपने पिता भी मेरा बहुत मजाक उड़ाया करते थे। उनका कहना है कि जब मैं पढ़ती थी, तो मुझ पर मेरे साथी ही भद्दे मजाक बनाते थे। कॉलेज के दिनों में मेरे साथी मेरे कपड़े उतार देते थे ताकि वह मेरी जेंडर आइडेंटिटी जान सकें। यूनिवर्सिटी में भी ये सिलसिला रुका नहीं। वहां तो मुझे शारीरिक यातनाओं को भी झेलना पड़ा, लेकिन मैंने इन सबके बावजूद अपनी पढ़ाई को बीच में नहीं छोड़ा।

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    English summary
    Odisha’s first transgender civil servant Aishwarya Rituparna Pradhan to tie knot

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