Odisha News: गैर- आदिवासियों को नहीं मिलेंगी ST की जमीनें, जानिए ओडिशा सरकार ने क्या कहा?
ओडिशा में अनुसूचित जनजाति सलाहकार परिषद ने एक अनुशंसित संशोधन पेश किया था। वहीं अब एसटी वर्ग की जमीन को गैर आदिवासियों को स्थानांतरित करने पर रोक लगा दी गई है। सरकार ने विधानसभा में नए प्रस्तार पर जोदार विरोध के बाद ये निर्णय लिया है।
अनुसूचित जनजातियों (एसटी) से संबंधित भूमि के हस्तांतरण और बंधक की सुविधा के लिए ओडिशा अनुसूचित क्षेत्र अचल संपत्ति संशोधन विनियमन के विनियमन -2 के कुछ प्रावधानों में संशोधन करने के लिए कैबिनेट की मंजूरी के लिए विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर भारी हमला किया है। सोशल मीडिया पर ओडिशा के राजस्व मंत्री सुदाम मार्ंडी ने एक पोस्ट के जरिए बताया कि सरकार ने हाल ही में कैबिनेट बैठक में पारित संशोधन पर रोक लगा दी है।

ओडिशा के राजस्व मंत्री सुदाम मरांडी ने गुरुवार को अपने एक्स हैंडल पर लिखा, "आदिवासी भूमि के हस्तांतरण के संबंध में 14 नवंबर 2023 को हुई कैबिनेट बैठक में चर्चा की गई 1956 के विनियमन -2 में प्रस्तावित संशोधन को रोक दिया गया है।" सूत्रों के मुताबिक ओडिशा अनुसूचित क्षेत्र अचल संपत्ति हस्तांतरण संशोधन विनियमन के विनियमन -2 के कुछ प्रावधानों में संशोधन को मंजूरी दे दी थी। जिसका विपक्ष ने जोरदार विरोध किया। विरोध में शामिल लोगों ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
कांग्रेस और भाजपा ने घेरा
कांग्रेस नेता तारा प्रसाद बाहिनीपति ने कहा की सरकार ने आदिवासियों की जमीन को लूटने का प्रयास किया है। उन्होंने दावा किया, "यह आदिवासियों की जमीन लूटने का प्रयास है। यह उनकी जमीन उद्योगपतियों को सौंपने की साजिश है।
वहीं भाजपा एसटी मोर्चा के अध्यक्ष नित्यानंद गोंड ने कहा ने कहा, "हालांकि सरकार ने 2017 में आदिवासियों के लिए विशेष विकास परिषद (एसडीसी) का गठन किया था, लेकिन इसने उनके लिए कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं किया है। इसका गठन केवल चुनाव के लिए मतदाताओं को लुभाने के लिए किया गया था। सरकार अब आदिवासियों को संगीत वाद्ययंत्र मुहैया कराने की योजना बना रही है. हालाँकि, इससे वास्तविक विकास नहीं होगा। वास्तविक विकास शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में है। दुर्भाग्य से, राज्य के आदिवासी बहुल जिलों में अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी और स्कूलों में शिक्षकों की कमी है।"
क्या है संशोधन प्रस्ताव
दरअसल, एसटी समुदाय किसी व्यक्ति को सार्वजनिक उद्देश्य के लिए उपहार देने या विनिमय करने या उप कलेक्टर की लिखित अनुमति के साथ एक सार्वजनिक वित्तीय संस्थान में बंधक सुरक्षित करके ऋण प्राप्त करने की अनुमति देता है। वह अपनी जमीन किसी ऐसे व्यक्ति को भी हस्तांतरित कर सकता है जो एसटी वर्ग से संबंधित नहीं है। यदि उप-कलेक्टर अनुमति नहीं देता है, तो व्यक्ति छह महीने के भीतर कलेक्टर के पास अपील कर सकता है और निर्णय अंतिम होगा।
-
Monalisa की शादी के 8 दिन बाद ये क्या हो गया? मुस्लिम पति पर बड़ा खुलासा, डायरेक्टर के बयान से मचा हड़कंप -
Gold Rate Today: फिर सस्ता हो गया सोना, हाई से 28,000 तक गिरे भाव, अब कितने में मिल रहा है 22K और 18K गोल्ड -
'मैंने 6 मर्दों के साथ', 62 साल की इस बॉलीवुड एक्ट्रेस ने खोलीं लव लाइफ की परतें, 2 शादियों में हुआ ऐसा हाल -
Delhi Riots: जिसने पूरी जिंदगी ईर्ष्या की, उसी के निकाह में 6 साल जेल काटकर पहुंचे Sharjeel Imam, दूल्हा कौन? -
Uttar Pradesh Silver Rate Today: ईद पर चांदी बुरी तरह UP में लुढकी? Lucknow समेत 8 शहरों का ताजा भाव क्या? -
Gold Silver Rate Crash: सोना ₹13,000 और चांदी ₹30,000 सस्ती, क्या यही है खरीदारी का समय? आज के ताजा रेट -
Mojtaba Khamenei: जिंदा है मोजतबा खामेनेई! मौत के दावों के बीच ईरान ने जारी किया सीक्रेट VIDEO -
US-Iran War: ‘पिछले हालात नहीं दोहराएंगे’, ईरान के विदेश मंत्री ने Ceasefire पर बढ़ाई Trump की टेंशन? -
iran Vs Israel War: ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला, अमेरिका-इजराइल की भीषण बमबारी से दहला नतांज -
ईरान का गायब सुप्रीम लीडर! जिंदा है या सच में मर गया? मोजतबा खामेनेई क्यों नहीं आ रहा सामने, IRGC चला रहे देश? -
Love Story: बंगाल की इस खूबसूरत नेता का 7 साल तक चला चक्कर, पति है फेमस निर्माता, कहां हुई थी पहली मुलाकात? -
'मेरे साथ गलत किया', Monalisa की शादी मामले में नया मोड़, डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर लगा सनसनीखेज आरोप












Click it and Unblock the Notifications