ओडिशा में गंभीर पेयजल संकट, नाचीपुर के ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी
गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहे ओडिशा के एरासामा ब्लॉक के चटुआ पंचायत के नाचीपुर के लगभग 1,200 ग्रामीणों ने आगामी आम चुनाव का बहिष्कार करने की धमकी दी है।
पर्याप्त पेयजल आपूर्ति की मांग को लेकर सोमवार को गांव की महिलाओं ने चटुआ में खाली बाल्टी व बर्तन के साथ सड़क जाम कर दी। पिछले हफ्ते उन्होंने इसी मांग को लेकर पूर्व मंत्री और स्थानीय विधायक रघुनंदन दास को बंधक बना लिया था।

दास ने दो दिनों के भीतर पेयजल उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। ग्रामीण अंजना पात्रा ने कहा कि लो वोल्टेज के कारण नाचीपुर में पाइप के माध्यम से पीने का पानी नहीं पहुंच रहा है।
महिलाएं पानी लाने के लिए दो किलोमीटर दूर जाने को मजबूर हैं। प्रशासन टैंकरों के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति कर रहा है, लेकिन यह ग्रामीणों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने दावा किया कि दूषित पानी के सेवन से कई ग्रामीण पेट संबंधी बीमारियों से पीड़ित हैं।
चटुआ के सरपंच प्रकाश चंद्र सुंदराय ने कहा कि बिजली आपूर्ति में समस्या के कारण पाइपलाइन के माध्यम से पीने के पानी की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। इसके अलावा पंचायत में सड़क की खराब स्थिति भी ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा रही है। इससे स्थानीय लोगों में आक्रोश है।
सूत्रों ने कहा कि एरासामा में 12 पंचायतों के तहत कम से कम 57 गांव पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों की पानी की समस्या को कम करने के लिए, सरकार 137 करोड़ की लागत से एक पाइप जलापूर्ति परियोजना का निर्माण कर रही है।
इसके तहत देवीडोला के पास देवी नदी से बालिकुडा ब्लॉक के माध्यम से इरासामा तक पाइपलाइन बिछाई जाएगी। हालाँकि, परियोजना अभी तक पूरी नहीं हुई है।
ग्रामीण जल आपूर्ति और स्वच्छता (आरडब्ल्यूएसएस), इरासामा के कनिष्ठ अभियंता प्रमोद कुमार परिदा ने कहा कि प्रस्तावित पाइप जलापूर्ति परियोजना का 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। प्रोजेक्ट पूरा होने में अभी दो महीने और लगेंगे।












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