ओडिशा: भाजपा और कांग्रेस ने बीजद की आलोचना, आदिवासियों को लेकर दोहरे मापदंड का दिया हवाला
2024 में लोक सभा चुनाव के अलावा कुछ राज्यों में जहां पर विधानसभा चुनाव होने वाले हैं उनमें ओडिशा भी है। ओडिशा की सत्तारूढ़ बीजू जनता दल की सरकार पर भारतीय जनता पार्टी ने इन चुनावों से पहले हमले शुरू कर दिया है। वहीं अब भाजपा के साथ कांग्रेस ने भी ओडिशा की पटनायक सरकार पर हमला बोलते हुए आदिवासियों के प्रति दोहरे मापदंड अपनाने का हवाला देते हुए आलोचना की है।

भारतीय जनता पार्टी ने दावा किया कि इस बीजद को इस बात कर डरा सता रहा है कि कैसे आदिवासी मतदाताओं ने छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में चुनाव नतीजों में अहम भूमिका निभाई। वहीं कांग्रेस ने मांग की कि सरकार को आदिवासी भूमि हस्तांतरण्एा विनिमय पर अपना फैसला वापस लेना चाहिए।
कांग्रेस नेता तारा प्रसाद बाहिनीपति ने कहा कि यदि आप आदिवासियों के विकास के बारे में चिंतित हैं, तो राज्य में पेसा अधिनियम लागू करें। वास्तव में, राज्य सरकार को डर है कि उनके आदिवासी वोट हमारी ओर मुड़ सकते हैं।
वहीं भाजपा विधायक नित्यानंद गोंड ने आरोप लगाया कि भाजपा की छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में शानदार जीत के बाद बीजद दोहरे मानदंड अपना रही है। ओडिशा में जहां वह आदिवासी विरोधी नीति लाने को उत्सुक है, वहीं केंद्र में वह घड़ियाली आंसू बहा रही है।
गोंड ने कहा
छत्तीसगढ और मध्य प्रदेश में आदिवासी लोगों ने भाजपा को वोट देकर सत्ता के लिए चुना है। ये ही कारण है कि ओडिशा सरकार हमसे डर रही है। यही कारण है कि वे हमसे डरते हैं और संसद में ऐसे मुद्दे उठा रहे हैं। यह सरकार आदिवासी विरोधी सरकार है। पटनायक सरकार ने आदिवासी लोगों के बारे में कभी नहीं सोचा।












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