स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 रैंकिंग में ओडिशा बना देश का चौथा सबसे स्वच्छ राज्य
स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 रैंकिंग में ओडिशा ने छलांग लगाते हुए देश भर के साफ राज्यों में चौथा स्थान हासिल किया है। हालांकि राज्य के शहरी निकायों का प्रदर्शन आंशिक रूप से निराशाजनक ही रहा क्योंकि ओडिशा के किसी भी शहर को शीर्ष 20 बड़े शहरों में जगह नहीं मिली केवल चिकिटी एनएसी 1 लाख से कम आबादी वाले शहरों में 12 वें स्थान पर जगह बनाई।

इसके अलावा राज्य के केवल तीन शहर जिनमें राजधानी भुवनेश्वर, पुरी और बालासोर राष्ट्रीय रैंकिंग में 1 लाख और उससे अधिक आबादी वाले शीर्ष 100 शहर में शामिल हो सके।
ओडिशा जो स्वच्छ सर्वेक्षण2021 में 10वें और 2022 में नौवें स्थान पर था वो इस बार छलांग लगाकर इस सर्वे में चौथे सबसे स्वच्छ राज्य का तमगा हासिल कर चुका है। ओडिशा ने तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पंजाब, गुजरात और उत्तर प्रदेश को पीछे छोड़ते हुए अपनी रैंक में पांच स्थान का सुधार किया। इस सर्वेक्षण में महाराष्ट्र ने शीर्ष स्थान हासिल किया, वहीं मध्य प्रदेश, जिसका पिछले साल पहला स्थान था वो खिसक कर दूसरे स्थान पर 2023 में पहुंच गया है। इस लिस्ट में छत्तीसगढ़ तीसरे स्थान पर है और ओडिशा चौथे स्थान पर है।
वहीं ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर ने भी 1 लाख और उससे अधिक आबादी वाले शहरों की राष्ट्रीय रैंकिंग में महत्वपूर्ण प्रगति की है, 2022 में इसकी स्थिति 80 से सुधरकर 46 रैंक की छलांग लगाते हुए 2023 में 34 हो गई है ।
मेयर सुलोचना दास ने कहा राजधानी शहर को कचरा-मुक्त शहर होने के लिए प्रभावशाली 3-स्टार रेटिंग भी मिली है, जो सफाई और स्वच्छता सुनिश्चित करने में हमारे सामूहिक प्रयासों का प्रमाण है।
नई दिल्ली में आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) की ओर से स्मार्ट सिटी के लिए स्वच्छ शहर पुरस्कार। भुवनेश्वर के अलावा, पुरी नगर पालिका और बालासोर भी बड़े शहरों में 62वें और 99वें स्थान पर हैं। वहीं राउरकेला और बेरहामपुर दोनों का प्रदर्शन कम हो गया।
राउरकेला, जो पिछले साल 45वें स्थान पर था और खुद को राज्य के सबसे स्वच्छ शहर का खिताब दिलाया था, इस साल की रैंकिंग में निराशाजनक 119वां स्थान हासिल किया है। इसी तरह, बेरहामपुर जो पिछले साल 90वें स्थान पर था, इस साल बड़े शहरों में 111वें स्थान पर है।












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