'कोरोना के खिलाफ अभी बच्चों के वैक्सीनेशन की जरूरत नहीं', NTAGI मेंबर ने दिया ये तर्क
नई दिल्ली, 21 दिसंबर: देश में एक तरफ कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मामले 200 पर पहुंच गए हैं। वहीं कुछ एक्सपर्ट भारत में कोरोना की तीसरी लहर से भी इनकार नहीं कर रहे है। इस बीच लोगों को 18 साल के कम उम्र के बच्चों की चिंता सता रही है, क्योंकि यही ग्रुप ऐसा है, जिसके लिए अभी तक टीकाकरण की कोई तैयारी नहीं की गई है। वहीं सलाहकार समूह का कहना है कि अभी कोविड -19 के खिलाफ बच्चों का टीकाकरण करने की आवश्यकता नहीं है। यह बयान उनका ऐसे वक्त आया है, जब दुनिया के साथ-साथ भारत में भी ओमिक्रॉन के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है।

भारत में टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) के सदस्य डॉ. जयप्रकाश मुलियाल ने फिलहाल बच्चों को कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण की आवश्यकता से इनकार किया है। पैनल ने केंद्र को सूचित किया है कि बच्चे ठीक हैं और अभी उन्हें टीका लगाने की कोई जरूरत नहीं है। News18 की रिपोर्ट के अनुसार देश के प्रमुख महामारी विज्ञानियों में से एक मुलियिल ने कहा कि भारत में कोविड -19 के कारण 12 साल से कम उम्र के बच्चों में एक भी मौत नहीं हुई है।
8 दिसंबर को हुई एक मूल्यांकन बैठक के बाद एनटीएजीआई ने कहा था कि कई कंपनियां अभी भी वैज्ञानिक परीक्षण करने की प्रक्रिया में हैं। देश में 18 वर्ष से कम आयु के लोगों के लिए टीकाकरण अभियान शुरू करने के लिए कोई आधिकारिक तारीखों की घोषणा नहीं की गई है।
पिछले महीने की एक रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर के 100 से अधिक देशों ने बच्चों के लिए अपने कोविड -19 टीकाकरण अभियान का विस्तार किया है। फ्रांस ने सोमवार को 5-11 आयु वर्ग के सभी बच्चों के लिए फाइजर-बायोएनटेक कोरोना वैक्सीन को मंजूरी दे दी। इस बीच दिल्ली ने मंगलवार को कोविड -19 के ओमिक्रोन वैरिएंट के 24 नए मामले दर्ज किए। देश में ओमिक्रोन मामलों की संख्या मंगलवार को 202 हो गई है।












Click it and Unblock the Notifications