mPassport Police App: अब पासपोर्ट वेरिफिकेशन में लगेंगे सिर्फ 5 दिन, जानें कैसे होगा काम ?
mPassport Police App: दिल्ली में यह सेवा शुरू हो गई है। इसकी वजह से पासपोर्ट के लिए पुलिस का काम आसान हो गया है। सिर्फ 5 दिन में ही पुलिस वेरिफिकेशन का काम हो जाएगा।

mPassport Police App: पासपोर्ट बनवाने का नाम लेते ही पुलिस वेरिफिकेशन वाला सीन आंखों के सामने नाचने लगता है। लेकिन, अब देश स्मार्ट हो रहा है तो हमारी पुलिस को भी स्मार्ट किया जा रहा है। अब दिल्ली पुलिस को ऐसे टैब उपलब्ध करवा दिए गए हैं कि पासपोर्ट वेरिफिकेशन का तामझाम बहुत कम हो गया है। जिस काम के लिए पहले 15 दिन निर्धारित थे, वह अब सिर्फ 5 दिनों में ही हो जाया करेगा। गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस की स्थापना दिवस पर कल जो कुछ कहा था, उसके मुताबिक विदेश मंत्रालय ने आज एक मोबाइल पासपोर्ट पुलिस ऐप शुरू भी कर दिया है। आइए जानते हैं कि यह कैसे काम करेगा।

'एमपासपोर्ट पुलिस ऐप' शुरू
विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को 'एमपासपोर्ट पुलिस ऐप' शुरू किया है। इसका मकसद पासपोर्ट जारी करने के दौरान पुलिस वेरिफिकेशन में लगने वाले समय को अभी लगने वाले वक्त का एक-तिहाई कर देना है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गुरुवार को ही दिल्ली पुलिस की स्थापना दिवस के मौके पर इसके लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच के पुलिसकर्मियों को 350 मोबाइल टैबलेट दिए थे।

पासपोर्ट जारी होने में 10 दिन कम लगेगा
शुक्रवार को दिल्ली में विदेश मामलों के मंत्रालय के रीजनल पासपोर्ट ऑफिस की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक नई डिवाइस अब पुलिस वेरिफिकेशन की सारी प्रक्रियाओं को पूरी करेगी और रिपोर्ट जमा करने का कार्य पेपरलेस हो जाएगा। टैबलेट के माध्यम से पुलिस वेरिफिकेशन होने से इसके सत्यापन में लगने वाला 15 दिनों का समय घटकर सिर्फ 5 दिन रह जाएगा। दिल्ली के रीजनल पासपोर्ट ऑफिसर अभिषेक दुबे की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक इसके चलते अब पासपोर्ट जारी होने में लगने वाला समय प्रभावी तौर पर 10 दिन घट जाएगा।

15 दिन की जगह 5 दिन में पुलिस वेरिफिकेशन
दिल्ली के आरपीओ ने शुक्रवार को एक ट्वीट में कहा है, रीजनल पासपोर्ट ऑफिस प्रभावी सेवा उपलब्ध कराने और डिजिटल इंडिया के प्रति प्रतिबद्ध है। 'एमपासपोर्ट पुलिस ऐप' वेरिफिकेशन में लगने वाले समय को घटनाकर 5 दिन कर देगा। एक दिन पहले दिल्ली पुलिस ने अपने ट्वीट में कहा था, 'माननीय गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच के पुलिसकर्मियों को 350 मोबाइल टैबलेट दिए हैं। इन टैबलेट्स के साथ पासपोर्ट आवेदन की सत्यापन की पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पेपरलेस हो जाएगी और वेरिफिकेशन में लगने वाला समय घटकर 5 दिन हो जाएगा। '
Recommended Video

पुलिस ही डाउनलोड कर सकेगी ऐप
गौरतलब है कि पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया में पुलिस का रोल बहुत ही महत्वपूर्ण रहता है। नागरिकों को पासपोर्ट तभी मिलेगा, जब पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट मिले। लेकिन, अभी तक यह प्रक्रिया काफी उलझाऊ रही है। क्योंकि, इस प्रक्रिया में आवेदन (PP Forms) को जिला पुलिस मुख्यालय, थाना, सीआईडी/ लोकल इंटेलिजेंस यूनिट और फिल्ड वेरिफिकेशन टीम सबसे होकर गुजरना होता है। जिससे पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट में लगने वाला समय लंबा हो जाता है। लेकिन, अब टेक्नोलॉजी ने इस प्रक्रिया को काफी आसान बना दिया है। इसी को देखते हुए थाना और फिल्ड वेरिफिकेशन प्रोसेसिंग टीम के लिए 'एमपासपोर्ट पुलिस ऐप' की शुरुआत हुई है। यह ऐप पुलिस स्टेशन के यूजर्स के डाउनलोड के लिए उपलब्ध है।
गृहमंत्री ने दी थी जानकारी
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि दिल्ली में पासपोर्ट के लिए रोजाना औसतन 2000 आवेदन आते हैं। लेकिन, अब इसके लिए ऑनलाइन प्रोसेसिंग प्रक्रिया अपनाने से यह काम काफी आसान हो जाएगा। उन्होंने कल एक ट्वीट में लिखा था, 'पासपोर्ट के त्वरित वेरिफिकेशन के लिए पासपोर्ट मोबाइल एप्लीकेशन का लोकार्पण किया है। डिजिटल वेरिफिकेशन होने की वजह से समय की बचत के साथ-साथ जांच में भी पारदर्शिता आएगी। आज उठाए गए ये कदम स्मार्ट पुलिसिंग के लिए मोदीजी की ओर से स्थापित पुलिस टेक्नोलॉजी मिशन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास हैं।'












Click it and Unblock the Notifications