गूगल की मदद से मिनटों में बुक को बनायें ई-बुक
बेंगलुरु। लखनऊ विश्वविद्यालय की टैगोर लाइब्रेरी में पांडुलिपियां रखी हैं, लेकिन प्रशासन की अनदेखी के चलते उनमें से कई खराब हो गईं। जरा सोचिये अगर उन पांडुलिपियों का डिजिटाइजेशन कर दिया जाये तो? जाहिर है ऐसा करने पर कोई भी आसानी से उन्हें पढ़ सकेगा। अगर आप यह सोच रहे हैं कि महीनों-सालों की मेहनत के बाद ऐसा संभव हो पायेगा? तो हम आपको बता दें कि गूगल ने इसे अब चुटकियों का काम कर दिया है।

जी हां गूगल ने नई ओसीआर (ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकगनिशन) तकनीक की मदद से किताबों को आसानी से डिजिटल बनाने का एक टूल लॉन्च किया है। इसके अंतर्गत आपको सिर्फ किताब के पन्नों को स्कैन करना होगा। उसके बाद बाकी का काम गूगल खुद कर लेगा। यहां तक इस काम में आपको स्पेलिंग मिस्टेक भी नहीं मिलेगी।
स्कैन कॉपी को जब आप गूगल ड्राइव में कॉल करायेंगे, तब उसके कैरेक्टर पढ़कर गूगल आपके सामने हू-ब-हू वही कंटेंट परोस देगा, जो उस किताब में है। खास बात यह है कि यह कोई पीडीएफ नहीं होगा, जो सर्च में न आये। ये वो कंटेंट होगा जो आसानी से सर्च में भी आयेगा।
डिजिटल बुक बनाने का तरीका
1. सबसे पहले आप जिस किताब की ई-बुक बनानी है, उसे स्कैन कर लीजिये।
2. गूगल ड्राइव में जायें, जहां आपको My Drive>Scanned का विकल्प मिलेगा।

3. ड्राइव में उस डॉक्यूमेंट पर राइट क्लिक करके Open with-- Google Docs पर जायें।

4. यह आपके उस ओरिजनल स्कैन्ड डॉक्यूमेंट को डॉक्यूमेंट में ओपेन कर देगा, जिसे आप साइट पर अपलोड कर सकते हैं।

खास बातें- गूगल पर तैयार की जाने वाली ये ई-बुक सर्च परिणामों में भी आयेंगी। क्योंकि गूगल इनमें मौजूद कंटेंट को पढ़ सकेगा।












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