सुदर्शन TV के शो 'UPSC जिहाद' के लिए चैनल को नोटिस, केंद्र ने SC में दी जानकारी

नई दिल्ली। सुदर्शन टीवी (Sudarshan TV) के शो बिंदास बोल में यूपीएससी (UPSC) के ऊपर दिखाए गए कार्यक्रम को लेकर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि सुदर्शन टीवी के शो 'यूपीएससी जिहाद' में नियमों का उल्लंघन हुआ था। इसके लिए सुदर्शन टीवी को नोटिस भेजा गया था।

चैनल के कार्यक्रम 'यूपीएससी जिहाद' पर है आपत्ति

चैनल के कार्यक्रम 'यूपीएससी जिहाद' पर है आपत्ति

सुदर्शन टीवी ने अपने कार्यक्रम बिंदास बोल में यूपीएससी जिहाद नाम से एक शो चलाया था। इस शो में 'यूपीएससी में मुसलमानों की घुसपैठ की साजिश' को उजागर करने का दावा किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस शो को बेहद आपत्तिजनक माना था और कहा था कि खोजी पत्रकारिता के नाम पर किसी समुदाय को निशाने पर नहीं लिया जा सकता।

इसी मामले पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से सुदर्शन टीवी के शो को लेकर सवाल पूछा था जिस पर जवाब देते हुए केंद्र ने शीर्ष कोर्ट को बताया कि प्रथम दृष्टया सुदर्शन टीवी को प्रोग्राम कोड का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया है और चैनल को नोटिस दिया गया है। चैनल को 28 सितम्बर तक नोटिस का जवाब देना है। मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होनी है।

चैनल को दिया गया चार पन्नों का नोटिस

चैनल को दिया गया चार पन्नों का नोटिस

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि चैनल को चार पन्नों का नोटिस दिया गया है। जिसमें प्रोग्राम कोड के उल्लंघन को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर चैनल का जवाब मांगा गया है। साथ ही ये भी पूछा गया है कि क्यों न चैनल के खिलाफ कार्रवाई की जाय।

मेहता ने बताया कि केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम 1995 के तहत बुधवार को ही ये नोटिस दिया गया है। जिसमें इस बात का उल्लेख किया गया है कि प्रोग्राम में ऐसे तथ्य दिखाए गए हैं जो प्रथम दृष्टया प्रोग्राम कोड का उल्लंघन हैं।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने की थी सख्त टिप्पणी

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने की थी सख्त टिप्पणी

इससे पहले 15 सितम्बर को जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, इंदु मल्होत्रा और केएम जोसेफ की पीठ ने सुनवाई के दौरान चैनल द्वारा दिखाए जा रहे शो के बाकी एपिसोड पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने कहा था कि ऐसा लगता है कि चैनल ने इस शो का उद्देश्य मुस्लिम समुदाय को बदनाम करना है। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि हम मीडिया पर सेंसरशिप के पक्ष में नहीं है लेकिन ये साफ संदेश जाना चाहिए कि किसी को भी बदनाम करने की इजाजत नहीं दी जा सकती।

सभी समुदाय सत्ता में अपनी हिस्सेदारी सुनिश्चित करना चाहते हैं। पिछली सुनवाई में जस्टिस केएम जोसेफ ने कहा कि 'आपका प्रोग्राम इस समुदाय के प्रति गंभीर अविश्वास दर्शाता है। सभी सत्ता के केंद्र तक पहुंचना चाहते हैं। आप इन्हें हाशिए पर धकेल रहे हैं जबकि इन्हें मुख्यधारा में लाया जाना चाहिए। ऐसा करके आप उन्हें गलत हाथों में ले जा रहे हैं। आखिर हम कहां जा रहे हैं?'

क्या है वो कार्यक्रम जिस पर उठी आपत्ति ?

क्या है वो कार्यक्रम जिस पर उठी आपत्ति ?

सुदर्शन चैनल पर बिंदास बोल नाम से कार्यक्रम चलता है जिसे चैनल के एडिटर-इन-चीफ सुरेश चव्हाणके होस्ट करते हैं। इसी शो में यूपीएससी जिहाद नाम से एक सीरीज चलाई गई थी। इस सीरीज में ये दावा किया गया था कि यूपीएससी में मुसलमानों की घुसपैठ का खुलासा किया जाएगा। हालांकि इस शो का प्रोमो आने के बाद से ही इसे लेकर यूपीएससी से चयनित कई आईएएस और आईपीएस अधिकारियों ने इस पर रोक लगाने की मांग की थी। मामला कोर्ट में गया जहां इसे रोकने को कहा गया लेकिन बाद में मंत्रालय की अनुमति के बाद शो को दिखाया जाने लगा जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा है। फिलहाल शो पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा रखी है जिसे चैनल के एडिटर-इन-चीफ सुरेश चह्वाणके ने हटाने का अनुरोध किया है।

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