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कश्मीर में मुहर्रम के जुलूस की इजाजत नहीं, फिर से लगाई गईं कर्फ्यू जैसी पाबंदियां

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नई दिल्ली। कश्मीर में इस साल शिया सोगवारों को मुहर्रम का जुलूस और ताजिया निकालने की इजाजत प्रशासन ने नहीं दी है। रविवार से ही सुरक्षा बढ़ा दी गई थी, मंगलवार को श्रीनगर में कर्फ्यू जैसी पाबंदियां लगा दी गई हैं। ज्यादातर रास्तों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने कहा है कि श्रीनगर की सड़कों पर ताजिया निकालने की इजाजत नहीं है। सोगवारों से इमामबाड़ा में ताजिया निकालने को कहा गया है। घाटी में भी ज्यादातर हिस्सों में कर्फ्यू जैसी पाबंदियां हैं।

No Muharram procession allowed in Kashmir restrictions back in Srinagar

बताया गया है कि मुहर्रम के जुलूस में किसी आतंकी हमले की जानकारी के चलते सुरक्षा बढ़ाई गई है और किसी भी जुलूस को निकालने की इजाजत नहीं दी गई है। सुरक्षाबलों को अतिरिक्त तैनाती के आदेश जारी किए गए हैं। इंटेलिजेंस को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन की ओर से शिया समुदाय को कहा गया है कि मुहर्रम महीने से शुरू के 10 दिनों में अपने सभी रीत-रिवाज वो इमामबाड़ों में ही करें।

बता दे कि 5 अगस्त को जम्मू कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा खत्म कर सूबे को दो केंद्र शासित प्रदेशों (जम्मू कश्मीर और लद्दाख) में बांट दिया गया था। इसको एक महीने से ज्यादा का वक्त हो चुका है। बीते 36- 37 दिन से घाटी में सन्नाटा पसरा हुआ है। ज्यादातर मुख्यधारा के नेता हिरासत में हैं। बीच-बीच में कुछ सहूलियतें दी गई हैं लेकिन जनजीवन सामान्य नहीं हो सका है। बीते कुछ दिनों में पाबंदियों में ढील दी गई थी। अब मुहर्रम पर फिर से पाबंदियां बढ़ा दी गई हैं।

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English summary
No Muharram procession allowed in Kashmir restrictions back in Srinagar
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