केजरीवाल के आरोपों पर EC ने दिया जवाब, कहा-मध्य प्रदेश उपचुनाव के लिए UP से नहीं लाई गई EVM मशीनें
चुनाव आयोग ने अपनी सफाई देते हुए साफ कर दिया है कि मध्य प्रदेश उपचुनाव में इस्तेमाल किए गए ईवीएम उत्तर प्रदेश से नहीं लाए गए थे।
नई दिल्ली। ईवीएम में छेड़छाड़ को लेकर आम आदमी पार्टी और चुनाव आयोग के बीच की तकरार बढ़ती जा रही है। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ईवीएम को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाया और चुनौती दी कि अगर ईवीएम मशीन उन्हें दे दी जाए तो 72 घंटों के अंदर वो साबित कर देंगे कि इन मशीनों के साथ छेड़छाड़ संभव है। केजरीवाल ने मध्य प्रदेश में ईवीएम की गड़बड़ी को लेकर भी चुनाव आयोग पर सवाल खड़े किए और कहा कि भिंड में गड़बड़ी वाली मशीन का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल किया गया था।

केजरीवाल के इन आरोपों पर अब चुनाव आयोग ने अपनी सफाई देते हुए साफ कर दिया है कि मध्य प्रदेश उपचुनाव में इस्तेमाल किए गए ईवीएम उत्तर प्रदेश से नहीं लाए गए थे, बल्कि वो पहले से सुरक्षित रखी गई थी। चुनाव आयोग ने केजरीवाल के आरोपों को नकारते हुए कहा कि उपचुनाव में VVPAT मशीनें जो सुरक्षित रखी गई थीं, उनका उपयोग किया जा रहा है। इतना ही नहीं उन्होंने साफ किया कि VVPAT मशीनों को वापस लेने की जरूरत नहीं है। इन्हें कड़ी सुरक्षा में रखा गया है और अगले चुनाव में उपयोग की जाएंगी।
आपको बात दें कि केजरीवाल ने कहा कि कानून के मुताबिक एक बार इस्तेमाल हो चुकी मशीन का डाटा 45 दिन तक बरकरार रखना अनिवार्य है। इससे पहले चुनाव आयोग ने पंजाब विधानसभा चुनाव में आप ने उन आरोपों को नकार दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईवीएम में गड़बड़ी की वजह से उनके वोट भाजपा और अकाली दल को चले गए। चुनाव आयोग ने उन्हें फटकार लगाते हुए कहा कि हार के लिए वो आत्ममंथन करें न की ईवीएम पर हार का ठीकरा फोड़े।












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