निर्भया के दोषियों ने जेल में कमाए कितने रुपए, अब उन रुपयों का क्या होगा?

निर्भया के दोषियों ने जेल में कमाए पैसों का क्या किया, क्या बताई अंतिम इच्छा?

नई दिल्ली। सात साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार दिल्ली के बसंत विहार गैंगरेप मामले में दोषी ठहराए गए चारों लोगों को फांसी पर लटका दिया गया। डेथ वारंट में लिखे दिन और समय के मुताबिक दिल्ली की तिहाड़ जेल में आज सुबह 5:30 बजे चारों दोषियों को फांसी दी गई। फांसी की खबर सुनने के बाद तिहाड़ जेल के बाहर मौजूद लोगों ने जश्न मनाया। वहीं, निर्भया की मां ने कहा कि आखिरकर आज उनकी बेटी को इंसाफ मिल गया है। तिहाड़ में सात साल रहने के दौरान जहां निर्भया के चारों दोषियों में से एक, मुकेश ने कोई काम नहीं किया, वहीं बाकी तीनों ने मिलकर मजदूरी करते हुए एक लाख से ऊपर रुपए कमाए।

जेल में कमाए 1 लाख 37 हजार रुपए

जेल में कमाए 1 लाख 37 हजार रुपए

तिहाड़ जेल के सूत्रों के मुताबिक, पिछले सात सालों में निर्भया के चारों दोषियों में से तीन ने जेल में काम करते हुए कुल 1 लाख 37 हजार रुपए की कमाई की। चारों दोषियों में से मुकेश ने जेल में अपने लिए कोई काम नहीं चुना, जबकि अक्षय ठाकुर ने मजदूरी करते हुए 69 हजार रुपए, पवन गुप्ता ने 29 हजार रुपए और विनय शर्मा ने 39 हजार रुपए कमाए। वहीं, साल 2016 में तीन दोषियों मुकेश, पवन और अक्षय ने 10वीं कक्षा का फॉर्म भरा और परीक्षा भी दी। हालांकि तीनों में से कोई भी इस परीक्षा में पास नहीं हो सका। वहीं 2015 में विनय ने गेजुएशन का फॉर्म भरा था, लेकिन उसने इसे बीच में ही छोड़ दिया।

दोषियों ने जो पैसे कमाए, वो किसे दिए जाएंगे

दोषियों ने जो पैसे कमाए, वो किसे दिए जाएंगे

निर्भया गैंगरेप और हत्या मामले में चार दोषियों में से किसी ने भी शुक्रवार सुबह फांसी दिए जाने से पहले अपनी अंतिम इच्छा व्यक्त नहीं की। ना ही चारों दोषियों में से किसी ने कोई वसीयत की। जेल में दोषियों ने जो पैसे कमाए, वह अब उनके परिवारों को दे दिए जाएंगे। इसके साथ ही इन दोषियों का सभी निजी सामान, जैसे कपड़े वगैरह भी परिवार के सदस्यों को सौंप दिए जाएंगे। गौरतलब है कि निर्भया गैंगरेप केस में चारों दोषियों मुकेश सिंह, पवन गुप्ता, विनय शर्मा, और अक्षय कुमार सिंह को फांसी दिए जाने के बाद अब उनके शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं।

जेल डॉक्टर ने की फांसी के बाद शवों की जांच

जेल डॉक्टर ने की फांसी के बाद शवों की जांच

निर्भया के चारों दोषियों को फांसी दिए जाने के बाद तिहाड़ जेल के डीजी संदीप गोयल ने बताया कि डॉक्टर ने चारों की जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया है। डॉक्टर की तरफ से मौत की पुष्टि किए जाने के बाद अब जेल अधीक्षक, उस डेथ वारंट पर साइन करेंगे, जो कोर्ट ने चारों दोषियों की फांसी के लिए जारी किया था। इसके बाद डॉक्टर चारों दोषियों का डेथ सर्टिफिकेट जारी करेंगे और इस डेथ सर्टिफिकेट को डेथ वारंट के साथ कोर्ट वापस भेजकर बताया जाएगा कि दोषी को फांसी दे दी गई है।

23 बार तोड़े तिहाड़ जेल के नियम

23 बार तोड़े तिहाड़ जेल के नियम

तिहाड़ जेल से जुड़े सूत्रों ने बताया कि जेल में रहने के दौरान निर्भया केस के चारों दोषियों के आचरण में पिछले सात सालों में किसी तरह का कोई सुधार नहीं हुआ था। चारों दोषियों ने कुल मिलाकर 23 बार तिहाड़ जेल के नियम तोड़े, जिनके लिए जेल प्रशासन ने चारों को दंडित भी किया। चारों दोषियों में विनय शर्मा को जेल नियम तोड़ने पर 11 बार, अक्षय ठाकुर को एक बार, मुकेश सिंह को तीन बार और पवन गुप्ता को जेल प्रशासन द्वारा आठ बार दंडित किया गया था।

विनय शर्मा दिखा सबसे ज्यादा परेशान

विनय शर्मा दिखा सबसे ज्यादा परेशान

आपको बता दें कि डेथ वारंट जारी होने के बाद सुप्रीम कोर्ट के नियमों के मुताबिक, चारों दोषियों के परिवार को फांसी से पहले दो बार उनसे मिलने की अनुमति दी गई थी। जेल से जुड़े सूत्रों ने बताया कि चारों दोषियों में से विनय शर्मा सबसे ज्यादा परेशान और चिंतित नजर आ रहा है। उसने आखिरी वक्त में जेल प्रशासन की तरफ से दिए गए कपड़ों को भी पहनने से मना कर दिया।

फांसी से पहले सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी गई

फांसी से पहले सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी गई

गौरतलब है कि निर्भया गैंगरेप मामले में चारों दोषियों को फांसी पर लटकाए जाने की प्रक्रिया पिछले महीने ही शुरू हो गई थी। तिहाड़ जेल में कोई जल्लाद ना होने के चलते फांसी देने के लिए मेरठ के पवन जल्लाद से संपर्क साधा गया था। निर्भया के चारों दोषियों को मेरठ के पवन जल्लाद ने ही फांसी दी है। फांसी से पहले चारों दोषियों को तिहाड़ में अलग-अलग कोठरी में रखा गया था और उनके ऊपर सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी गई थी।

7 साल के इंतजार के बाद मिला इंसाफ

7 साल के इंतजार के बाद मिला इंसाफ

दिल्ली में 16 दिसंबर 2012 को अपने घर लौट रही 23 वर्षीय छात्रा से बस के अंदर गैंगरेप के मामले में 6 लोगों को दोषी ठहराया गया था। इस घटना के कुछ दिन बाद छात्रा की मौत हो गई और लोगों ने सड़कों पर उतरकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विरोध प्रदर्शन किए। दोषी ठहराए गए 6 लोगों में से एक राम सिंह ने ट्रायल के दौरान तिहाड़ जेल में खुदकुशी कर ली थी, जबकि एक दोषी नाबालिग था। इसके बाद बाकी चार दोषियों को आज सुबह फांसी दे दी गई।

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