निर्भया केस: बीजेपी का बड़ा आरोप, केजरीवाल सरकार की लापरवाही की वजह से दोषियों की फांसी में हो रही देरी
नई दिल्ली। निर्भया केस में पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों दोषियों का डेथ वारंट जारी करते हुए, 22 जनवरी को फांसी पर लटकाने का फैसला सुनाया है। वहीं, निर्भया केस में दोषियों की फांसी में देरी को लेकर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने केजरीवाल सरकार पर बड़ा आरोप लगाया और कहा कि 2012 के दिल्ली गैंगरेप मामले में दोषियों को फांसी देने में देरी की वजह दिल्ली सरकार की लापरवाही है।
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केजरीवाल सरकार की लापरवाही की वजह से दोषियों की फांसी में हो रही देरी- बीजेपी
प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि न्याय में देरी के लिए AAP जिम्मेदार है। दोषियों को दया याचिका की नोटिस 2.5 साल तक दी ही नहीं गयी, ये देरी उन अपराधियों से दिल्ली सरकार की सहानुभूति को दर्शाती है। जावड़ेकर ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने उनकी अपील 2017 में ही खारिज कर दी थी और उन्हें फांसी की सजा दी थी। लेकिन एक प्रक्रिया के तहत तिहाड़ जेल प्रशासन दोषियों को एक नोटिस देता है कि अब आपको कोई दया याचिका या अपील दाख़िल करनी है तो कर लो, अन्यथा फांसी हो जाएगी।
पूरा देश चाहता है चारों को फांसी पर लटकाया जाए- जावड़ेकर
जावड़ेकर ने कहा कि दिल्ली सरकार के वकील राहुल मेहरा ने कोर्ट में कहा कि फांसी 22 जनवरी को नहीं हो सकती। पूरा देश चाहता है कि चारों आरोपियों को फांसी दी जाए, और वे (दिल्ली) इसमें देरी कर रहे हैं। बीजेपी नेता ने कहा कि देश को झकझोरने वाले निर्भया केस के आरोपी आज तक फांसी पर नहीं लटके, इसका एकमात्र कारण दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार की लापरवाही है

दिल्ली सरकार के वकील ने क्या कहा था
बता दें कि चारों दोषियों में से एक मुकेश ने निचली अदालत की ओर से जारी डेथ वारंट के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। बुधवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट में दिल्ली सरकार की ओर से पेश हुए वकील राहुल मेहरा ने इस याचिका पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि दोषियों को 22 जनवरी को फांसी की सजा नहीं दी जा सकती है। उन्होंने कोर्ट में कहा कि दया याचिका खारिज होने के 14 दिनों बाद ही फांसी दी जा सकती है। मेहरा ने याचिका (डेथ वारंट रुकवाने वाली अर्जी) को प्रिमेच्योर बताया था।












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