PFI के खिलाफ प्लानिंग के साथ हुई थी कार्रवाई, ऑपरेशन को दिया गया था ये नाम

नई दिल्ली, 24 सितंबर। बीते गुरुवार को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA), प्रवर्तन निदेशालय (ED) और संबंधित राज्यों की पुलिस ने टेरर फंडिंग के आरोप में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के नेताओं, कार्यकर्ताओं के आवासों पर छापेमार कार्रवाई की थी। यह कार्रवाई 15 राज्यों में हुई थी। छापेमारी में पीएफआई के 106 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था। पीएफआई के खिलाफ एएनआई की इस कार्रवाई को अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है।

ये भी पढ़ें- क्या प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन सिमी (SIMI) का ही नया रूप है पीएफआई (PFI)?

इस ऑपरेशन के तहत की गई थी कार्रवाई

इस ऑपरेशन के तहत की गई थी कार्रवाई

एएनआई और ईडी की तरफ से यह कार्रवाई एक पूरे प्लान के तहत की गई थी। छापेमारी से पहले एजेंसियों की तरफ से कई सबूतों को इकट्ठा करने के अलावा प्लानिंग और रिसर्च भी किया गया था। सूत्रों की मानें तो पीएफआई के खिलाफ हुई इस कार्रवाई का नाम 'ऑपरेशन ऑक्टोपस' रखा गया था। मिशन को सफल बनाया जा सके, इसके लिए आईजी-एडीजी से लेकर सैकड़ों अफसर और पुलिस जवान भी तैनात किए गए थे।

कंट्रोल रूम से रखी जा रही थी मिशन की नजर

कंट्रोल रूम से रखी जा रही थी मिशन की नजर

सूत्रों के मुताबिक इस मिशन के लिए एजेंसी की तरफ से कंट्रोल रूम भी बनाया गया था। इस कंट्रोल रूम के जरिए देशभर में हो रही कार्रवाई पर नजर भी रखी जा रही थी। दावा यह भी किया जा रहा है कि इस मिशन की निगरानी गृहमंत्रालय की तरफ से भी की जा रही थी। इसके अलावा मंत्रालय की तरफ से मिशन को अंजाम तक पहुंचाने के लिए गाइड भी किया जा रहा था। हालांकि, अभी मंत्रालय की तरफ से कंट्रोल रूम से निगरानी किए जाने की पुष्टि नहीं की गई है।

गिरफ्तारी के विरोध में केरल ने किया था बंद का ऐलान

गिरफ्तारी के विरोध में केरल ने किया था बंद का ऐलान

पीएफआई के नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में केरल में शुक्रवार को राज्यव्यापी बंद का ऐलान किया गया था। बंद को सफल बनाया जा सके, इसलिए पीएफआई की तरफ से अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं से शामिल होने की अपील की गई थी। पूरे केरल में शुक्रवार को सुबह से ही बंद का असर देखने को मिला था। कई जगहों पर पीएफआई कार्यकर्ताओं ने वाहनों में तोड़-फोड़ भी की थी। वहीं, कई जगहों पर पुलिस कर्मियों पर भी हमले की खबर आई थी। बंद सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक बुलाया गया था।

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) क्या है ?

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) क्या है ?

पीएफआई का गठन स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI) के आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने के बाद उसपर लगाए गए प्रतिबंधों के बाद के दिनों में हुआ था। आधिकारिक रूप से पीएफआई 2007 में दक्षिण भारत के तीन मुस्लिम संगठनों नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ केरल, कर्नाटक फोरम फॉर डिग्निटी और मनिथा नीथि पासराई इन तमिलनाडु के विलय से बना था। पीएफआई वैसे खुद को अल्पसंख्यकों, दलितों और समाज के वंचित समुदायों के अधिकारों के लिए लड़ने वाला संगठन बताता है। वहीं पीएफआई खुद से चुनावों में भाग नहीं लेता है। हालांकि, कहा जाता है कि पीएफआई बैकडोर से चुनावों को सपोर्ट करता है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+