NGT ने फिर कहा- बंद करें 10 पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल की गाड़ियां
NGT ने निर्देश दिए हैं कि केंद्र और राज्य मिलकर कमेटी का गठन करें।
नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) ने केंद्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश ,पंजाब, हरियाणा और राजस्थान को केंद्रीयकृत स्टेट लेवल मॉनिटरिंग कमेटी बनाने का निर्देश दिया है।
निर्देशित किया गया है कि 2 माह में एक बार मीटिंग करनी होगी ताकि पर्यावरण की बेहतरी के लिए एक्सन प्लान तैयार किया जा सके।

पुराने पर सख्ती जारी
एनजीटी ने अपने पुराने निर्देश को दोबारा दुहराते हुए कहा कि 10 साल पुराने डीजल वाहन और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन बैन किए जाए।
पर्यावरण आपातकाल का प्रावधान
एनजीटी ने 'पर्यावरण आपातकाल' का प्रावधान किया है ताकि प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर आपात व्यवस्थाएं की जा सकें। एनजीटी ने निर्देश दिया है कि थर्मल प्लांट्स और सभी निर्माण कार्यों को अस्थाई तौर पर रोक लगाई गई है।
दिल्ली में प्रदूषण पर एनजीटी ने कहा कि सरकार को पटाखों से जुड़ी गाइडलाइन जारी करने की जरूरत है।
इससे पहले 8 नवंबर को हुई बैठक में दिल्ली में छाए धुंध के मुद्दे पर दिल्ली सरकार को फटकार लगाते हुए NGT ने पूछा था कि स्मॉग और बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए आपने क्या अहम कदम उठाए हैं?
एनजीटी ने लगाई थी सरकार को फटकार
एनजीटी ने यह भी कहा था कि दिल्ली सरकार ने 5 दिन में प्रदूषण को लेकर कुछ नहीं किया।
एनजीटी ने कहा था कि दिवाली और फसलों को जलाया जाना बढ़ते प्रदूषण के लिए सबसे अधिक जिम्मेदार हैं। क्या आपने अगस्त और सितंबर में इस प्रदूषण से निपटने की तैयारी के लिए कोई बैठक की है?
एनजीटी ने बढ़ते प्रदूषण पर कड़ा रुख अपनाते हुए दिल्ली-एनसीआर में होने वाले सभी निर्माण कार्यों पर अगले सात दिनों के लिए रोक लगा दी थी।
एनजीटी ने कहा था कि दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, यूपी और राजस्थान में अगले 7 दिनों तक कोई एग्रिकल्चरल वेस्ट या कूड़ा न जलाया जाए। ना ही स्टोन क्रशर का इस्तेमाल हो।
एनजीटी ने दिल्ली सरकार से पूछा था कि क्या आपके पास इस बात का कोई डेटा है, जिससे ये दिखे कि स्मॉग में कमी आई है? आप पानी का छिड़काव क्रेन से क्यों कर रहे हैं? हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल क्यों नहीं करते?












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