Vice President: कौन होगा अगला उपराष्ट्रपति? रेस में इस नेता का नाम सबसे आगे, जल्द होगा बड़ा ऐलान
Next Vice President: उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 7 अगस्त से शुरू हो गई है। चुनाव आयोग ने इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी। राजनीतिक गलियारों में इस समय चर्चाओं का दौर तेज है-कहा जा रहा है कि इस पद के लिए वर्तमान या पूर्व राज्यपाल, या फिर भाजपा के किसी वरिष्ठ और अनुभवी नेता को चुना जा सकता है।
उपराष्ट्रपति पद की दौड़ में अब एक और नाम तेजी से सुर्खियों में है -गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत। दिलचस्प बात यह है कि आचार्य देवव्रत भी उसी जाट समुदाय से आते हैं, जिससे पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का संबंध है। ऐसे में माना जा रहा है कि जाट समाज को संदेश देने के लिए उन्हें यह मौका मिल सकता है।

आचार्य देवव्रत लंबे समय से आर्य समाज से जुड़े रहे हैं और उसकी विचारधारा के प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाई है। इसके अलावा कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत और शेषाद्रि चारी का नाम भी चर्चा में है।
NDA उपराष्ट्रपति के उम्मीदवार का नाम 20 अगस्त तक करेगी ऐलान
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा ने संभावित नामों की शॉर्टलिस्टिंग शुरू कर दी है, जिन्हें जल्द ही पार्टी अध्यक्ष प्रधानमंत्री मोदी के सामने अंतिम निर्णय के लिए रखेंगे। NDA ने पीएम मोदी और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को उम्मीदवार चुनने का अधिकार दे दिया है।
भाजपा की योजना है कि NDA के उम्मीदवार का नाम 18 से 20 अगस्त के बीच होने वाले मीडिया ब्रीफिंग में औपचारिक रूप से घोषित किया जाएगा। यानी, अगले कुछ दिनों में यह साफ हो जाएगा कि देश का नया उपराष्ट्रपति कौन होगा-क्या यह कोई राज्यपाल होगा, कोई अनुभवी नेता, या फिर सबको चौंका देने वाला चेहरा?
NDA की गुरुवार को हुई बैठक में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने अध्यक्षता की। इसमें भाजपा नेताओं के साथ-साथ TDP, जदयू, लोजपा, शिवसेना के नेता भी मौजूद रहे। सभी ने पीएम मोदी और जेपी नड्डा के फैसले पर सहमति जताई कि वही उम्मीदवार का नाम तय करेंगे।
who is Acharya Devvrat? आचार्य देवव्रत कौन हैं?
🔹 आचार्य देवव्रत (जन्म 18 जनवरी 1959) एक भारतीय राजनीतिज्ञ और पूर्व शिक्षक हैं, जो 2019 से गुजरात के राज्यपाल के रूप में कार्यरत हैं। वह आर्य समाज के प्राचारक हैं और इससे पहले हरियाणा के कुरुक्षेत्र स्थित एक गुरुकुल के प्राचार्य भी रह चुके हैं। गुजरात के राज्यपाल होने के नाते वह राज्य की सभी विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति भी हैं।
🔹 गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत इस पद पर सबसे लंबे समय तक रहने वाले व्यक्ति हैं। वह 22 जुलाई 2019 को गुजरात के राज्यपाल बने थे और अब तक 5 साल 217 दिन इस पद पर रह चुके हैं।
🔹 अगस्त 2015 में आचार्य देवव्रत को हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। उन्होंने 21 जुलाई 2019 तक इस पद पर कार्य किया, जिसके बाद कलराज मिश्र ने उनका स्थान लिया।
🔹 जून 2019 में उन्हें ओम प्रकाश कोहली की जगह गुजरात का राज्यपाल नियुक्त किया गया। आचार्य देवव्रत का जन्म हरियाणा के समालखा (तत्कालीन पूर्वी पंजाब) में हुआ था। उनकी पत्नी का नाम दर्शन देवी है।
Who could be next vice president? उपराष्ट्रपति पद के रेस में और किन-किन नेताओं का नाम
🔴 1. हरिवंश सिंह - राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन और जदयू सांसद। 2020 से इस पद पर हैं। पूर्व में प्रभात खबर के संपादक और पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के मीडिया सलाहकार भी रह चुके हैं।
🔴 2. वीके सक्सेना - वर्तमान में दिल्ली के उपराज्यपाल। कानपुर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र, लाइसेंसधारी पायलट और पूर्व KVIC अध्यक्ष। उन्होंने कारीगर सशक्तिकरण और स्वदेशी उत्पादों पर कई योजनाएं चलाईं। 2022 में दिल्ली के एलजी बने।
🔴 3. मनोज सिन्हा - जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल, जिन्होंने अनुच्छेद 370 हटने के बाद क्षेत्र में स्थिरता लाने में अहम भूमिका निभाई। पूर्व में रेल राज्य मंत्री और तीन बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं।
🔴 4. आचार्य देवव्रत - वर्तमान में गुजरात के राज्यपाल और इससे पहले हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल रहे। आर्य समाज से जुड़े और कुरुक्षेत्र के एक गुरुकुल के प्राचार्य रह चुके हैं। हिंदी में स्नातकोत्तर, और 30 से अधिक वर्षों का शिक्षण व प्रशासनिक अनुभव रखते हैं।
उपराष्ट्रपति पद क्यों खाली हुआ?
21 जुलाई 2025 को जगदीप धनखड़ ने अचानक स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दे दिया। उनका कार्यकाल अगस्त 2027 तक था, लेकिन अब यह पद खाली हो गया है।
यह चुनाव सिर्फ नया उपराष्ट्रपति चुनने का मामला नहीं है, बल्कि यह भी देखने लायक होगा कि भाजपा और NDA किस तरह का संदेश देने के लिए किस चेहरे को सामने लाते हैं-अनुभव, क्षेत्रीय संतुलन या फिर किसी खास पृष्ठभूमि को प्राथमिकता दी जाएगी।












Click it and Unblock the Notifications