New Parliament: 'सेंगोल भारत की सांस्कृतिक विरासत को वर्तमान से जोड़ता है', गृहमंत्री अमित शाह का Tweet
Sengol in Hindi:'सेंगोल' प्राचीन काल में राजदंड के तौर पर जाना जाता था। इतिहास पर गौर फरमाएंगे तो इसके सूत्र चोल राजवंश से जुड़े हुए दिखाई देते हैं।

Amit Shan on New Parliament Inauguration: आज पीएम मोदी ने देश की नई संसद का उद्घाटन किया है , मालूम हो कि बहुत ही विधि-विधान से आज नए संसद भवन का उद्घाटन हुआ है लेकिन इस कार्यक्रम का विपक्षी दलों ने काफी विरोध किया है। वो इसके लिए लगातार केंद्र सरकार पर तरह-तरह के आरोप लगा रहे हैं तो वहीं इसी बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट करके इसे देश का ऐतिहासिक कदम करार दिया है और उन 'श्रम योगियों' का आभार व्यक्त किया है, जिनके अमूल्य परिश्रम की वजह से इस भवन ने आकार ग्रहण किया है।
'श्रम योगियों' के प्रति आभार व्यक्त करता हूं
अमित शाह ने अपने Tweet में लिखा कि 'नए संसद भवन के उद्घाटन पर देश के प्रत्येक नागरिक को मेरी हार्दिक बधाई। मैं उन 'श्रम योगियों' के प्रति भी अपना हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने देश के नए संसद भवन के सपने को रिकॉर्ड समय में साकार करने में कड़ी मेहनत की है, उनके अमूल्य श्रम के बिना ये संभव नहीं था।'
'हमारी सांस्कृतिक विरासत को मौजूदा समय से जोड़ता है'
उन्होंने अपने ट्वीट में आगे सेंगोल का जिक्र करते हुए लिखा है कि 'पीएम नरेंद्र मोदी ने आज संसद में 'सेंगोल' को स्थापित किया है, जो कि हमारी सांस्कृतिक विरासत को मौजूदा समय से जोड़ता है, ये आदि से अनंत तक हमें एक सूत्र में बांधें रखेगा। ये हमारी भावी पीढ़ियों को हमारी समृद्ध संस्कृति के गुण और महत्व के बारे में हमेशा याद दिलाता रहेगा।'
विकास यात्रा का अनमोल पल
इसके बाद उन्होंने नई संसद में पीएम मोदी के पहले संबोधन का भी वीडियो ट्वीट किया है। आपको बता दें कि पीएम मोदी ने आज अपने संबोधन में कहा कि 'हर देश की विकास यात्रा में कुछ ऐसे पल आते हैं, जो हमेशा के लिए अमर हो जाते हैं।'
उम्मीदों और सपनों का प्रतिबिंब
'आज की तारीख ऐसा ही अवसर है, आज 28 मई का दिन हर भारतीय के लिए ऐतिहासिक है, जिसे कोई भूल नहीं सकता है। नया संसद भवन केवल एक भवन नहीं, जहां हमसब बैठे हैं, बल्कि ये 140 करोड़ भारतवासियों की आकांक्षाओं, उम्मीदों और सपनों का प्रतिबिंब है।'
संकल्प को सिद्धि से जोड़ने वाली कड़ी
'ये नीति को निर्माण से और संकल्प को सिद्धि से जोड़ने वाली कड़ी है, सही मायने में ये लोगों के लिए अमृतकाल में नए संसद का उपहार है। ये आत्मनिर्भर भारत के सूर्योदय का साक्षी है, आज पूरा विश्व भारत की मजबूती को देख रहा है। नया भवन विकसित भारत की सिद्धि को देखेगा, ये ही तो लोकंतंत्र की प्रेरणा है।'
पंचायत भवन से लेकर संसद भवन तक हमारी निष्ठा एक
उन्होंने कहा कि 'आपको जानकर अचरज होगा कि इस संसद भवन ने करीब 60,000 श्रमिकों को रोजगार देने का काम किया है। आज जब हम लोकसभा और राज्यसभा को देखकर उत्सव मना रहे हैं तो मुझे इस बात का भी गहरा संतोष है कि देश में 30,000 से ज़्यादा नए पंचायत भवन भी बनाए गए हैं। पंचायत भवन से लेकर संसद भवन तक हमारी निष्ठा एक ही है।'
Recommended Video













Click it and Unblock the Notifications