New Labour Code: करोड़ों कर्मचारियों को जल्द मिलेगी बड़ी राहत, नौकरी छोड़ने के 2 दिन में फाइनल सेटलमेंट
नई दिल्ली: हर कर्मचारी अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए नौकरी बदलता है, लेकिन मौजूदा नियम की वजह से फुल एंड फाइनल सेटलमेंट में काफी टाइम लग जाता है। केंद्र सरकार ने कर्मचारियों की इस दिक्कत को दूर करने की तैयार कर ली है, जिसके तहत नए लेबर कोड में फाइनल सेटलमेंट के लिए नए प्रावधान किए गए हैं। जल्द ही ये लेबर कोड देशभर में लागू हो जाएगा। हालांकि अभी इसकी तारीख की घोषणा नहीं हुई है। (तस्वीरें-सांकेतिक)

क्या हैं मौजूदा नियम?
अभी तक चल रहे कानून के मुताबिक जब कर्मचारी नौकरी छोड़कर जाता है, तो उसके काम करने के अंतिम दिन से 45 से 60 दिन बाद फुल एंड फाइनल सेटलमेंट होता है। कई बार तो कंपनियां इसमें 90 दिन का वक्त भी ले लेती हैं, जिस वजह से कर्मचारियों को दिक्कत हो रही थी। इसी वजह से केंद्र सरकार अब नया नियम लाने जा रही है।
Recommended Video

ये होंगे नए प्रावधान
नए लेबर कोड लागू होने के बाद नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों को ज्यादा परेशानी नहीं होगी। नए नियम के मुताबिक नौकरी छोड़ने या निकाले जाने की स्थिति में कर्मचारियों को फुल एंड फाइनल सेटलमेंट 2 दिन के भीतर करना होगा। अगर कंपनी ने ऐसा नहीं किया तो इसे लेबर कोड का उल्लंघन माना जाएगा। लेबर कोड में ये भी साफ किया गया है कि छंटनी, कंपनी बंद होने की स्थिति में भी यही नियम लागू होगा। पिछले साल आई एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में 47 करोड़ लोग किसी ना किसी तरह की नौकरी करते हैं, ऐसे में उन लोगों को इससे बड़ी राहत मिलेगी।

श्रम मंत्री ने कही ये बात
अब सबसे बड़ा सवाल ये आता है कि ये नए नियम कब से लागू होंगे। सरकार ने इसकी पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है। इसे राज्यों को भेजा गया था, लेकिन कुछ राज्यों ने एक-दो नए नियमों पर आपत्ति जताई। वैसे कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि ये 1 जुलाई से लागू हो सकता है, लेकिन अभी तक डेट फाइनल नहीं हो पाई है। मामले में श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि चार संहिताओं को जल्द ही लागू किया जा सकता है क्योंकि लगभग 90 प्रतिशत राज्य पहले ही मसौदा नियमों के साथ आ चुके हैं।

हफ्ते में तीन छुट्टी का प्रावधान
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नया लेबर कोड लागू होने के बाद हफ्ते में चार दिन काम करना होगा, जबकि तीन दिन वीकऑफ मिलेगा, लेकिन इसके लिए एक बड़ी शर्त है कि कर्मचारियों को रोजाना 12 घंटे काम करना पड़ेगा। बहुत से एक्सपर्ट्स का मानना है कि लगातार 12 घंटे तक काम करने से कर्मचारियों के मेंटल हेल्थ पर असर पड़ सकता है। इस वजह से वो इसका विरोध कर रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications