New Labour Code: नौकरीपेशा लोगों के लिए खुशखबरी! बची हुई छुट्टियों के मिलेंगे पैसा, क्या कहता है नए लेबर कोड

New Labour Code: भारत में काम करने वाले करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए 2026 की शुरुआत बड़ी खुशखबरी लेकर आई है। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए लेबर कोड (New Labour Codes) के तहत अब छुट्टियों के नियमों में क्रांतिकारी बदलाव हुए हैं।

अब कर्मचारियों को अपनी 'अर्न्ड लीव' (Earned Leave) या कमाई हुई छुट्टियों का पैसा पाने के लिए कंपनी छोड़ने या रिटायरमेंट तक का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

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नए नियमों के लागू होने के बाद, कर्मचारी अपनी बची हुई छुट्टियों को हर साल ही पैसे में बदल सकेंगे। आइए जानते हैं क्या है यह नया नियम और इससे आपकी जिंदगी पर क्या असर पड़ेगा।

New Labour Code के तहत पूरे देश में लागू होगा एक जैसा नियम

इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, नए लेबर कोड के तहत अब 'अर्न्ड लीव' के नियम पूरे देश में एक समानकर दिए जाएंगे। अभी तक अलग-अलग राज्यों में छुट्टियों के नियम अलग-अलग थे, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर काम करने वाली कंपनियों और उनके कर्मचारियों के लिए काफी भ्रम की स्थिति रहती थी। अब एक मानक सिस्टम तैयार किया जाएगा, जिसमें यह स्पष्ट होगा कि कर्मचारियों को साल में कितनी छुट्टियां मिलेंगी और उन्हें कैसे मैनेज किया जाएगा।

Annual Leave Encashment Rules: हर साल छुट्टियों के बदले मिलेगा पैसा

नए लेबर कोड का सबसे आकर्षक पहलू लीव एनकैशमेंट की सुविधा है। अब तक ज्यादातर राज्यों और निजी संस्थानों में यह नियम था कि आप अपनी छुट्टियों को केवल इस्तीफा देने या रिटायरमेंट के समय ही भुना सकते थे। नए नियमों के तहत, कर्मचारी कैलेंडर वर्ष के अंत में अपनी बची हुई छुट्टियों के बदले नकद भुगतान (Cash) की मांग कर सकते हैं। अब आपको अपनी मेहनत की छुट्टियों का पैसा पाने के लिए सालों इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी। यह अधिकार अब पूरे देश के कर्मचारियों को मिलेगा।

छुट्टियों को बचाने के लिए क्या हैं नियम?

डेलॉयट इंडिया के निदेशक तरुण गर्ग ने इकोनॉमिक टाइम्स से बातचीत करते हुए बताया कि, नए लेबर कोड (विशेषकर OSH Code) के प्रावधानों में छुट्टियों को संचित करने के लिए स्पष्ट नियम दिए गए हैं। कर्मचारियों को 30 दिनों तक की छुट्टियों को अगले साल के लिए बचाकर (Carry Forward) ले जाने की अनुमति होगी। यदि किसी कर्मचारी के पास 30 दिनों से अधिक छुट्टियां बच जाती हैं, तो वह उन अतिरिक्त छुट्टियों के बदले पैसा पाने का हकदार होगा। कर्मचारी अपनी सभी बची हुई छुट्टियों के लिए साल के अंत में भुगतान की मांग भी कर सकता है।

कर्मचारियों के लिए क्यों है यह फायदेमंद?

विशेषज्ञों का मानना है कि इस नियम से कर्मचारियों के पास साल के अंत में अतिरिक्त नकदी (Cash Flow) बढ़ेगी। अक्सर देखा जाता था कि काम के दबाव के कारण कर्मचारी अपनी छुट्टियां नहीं ले पाते थे और कई बार वे छुट्टियां लैप्स (Lapse) हो जाती थीं।

अब छुट्टियों का पैसा हर साल मिलने से कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी और उन्हें अपनी मेहनत का पूरा लाभ मिलेगा। नए लेबर कोड के माध्यम से सरकार श्रम कानूनों को सरल और कर्मचारी-अनुकूल बनाने की कोशिश कर रही है। छुट्टियों के नियमों में यह बदलाव न केवल पारदर्शिता लाएगा, बल्कि निजी क्षेत्र में काम करने वाले मध्यम वर्ग को बड़ी वित्तीय राहत भी देगा।

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