ओडिशा में नए राज्यपाल ने संभाली कमान, रघुबर दास को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू
Odisha News: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास, जिन्हें ओडिशा के 26वें राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया है, उन्होंने राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह के बाद अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। इससे पहले ओडिशा आने पर राज्य के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया।
सोमवार सुबह पुरी में भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने के बाद रघुबर दास भुवनेश्वर स्थित राजभवन पहुंचे, जहां पदभार ग्रहण करने से पहले दास मंगलवार सुबह 8:45 बजे भगवान लिंगराज के दर्शन किए। हालांकि ओडिशा में नए राज्यपाल की नियुक्ति ऐसे वक्त हुई है, जब राज्य में लोकसभा और विधानसभा दोनों ही चुनाव नजदीक है।

क्योंकि नवनियुक्त राज्यपाल को लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह की बात हो रही है। कि अब वह प्रोफेसर गणेशी लाल के बाद ओडिशा में किस तरह की भूमिका निभाएंगे। गौरतलब है कि उनकी नियुक्ति 2024 के आम चुनाव से कुछ महीने पहले हुई है, जिसने कई लोगों को ओडिशा सरकार के साथ उनके भविष्य के समीकरणों पर नजर रखने के लिए मजबूर किया है।
ओडिशा सरकार के साथ नए राज्यपाल के कामकाजी संबंध क्या होंगे, इस पर अब राजनीतिक पर्यवेक्षकों और विपक्षी दलों की पैनी नजर है। पूर्व भाजपा दिग्गज के पास समृद्ध राजनीतिक अनुभव और जमशेदपुर से पांच बार विधायक और झारखंड के मुख्यमंत्री (2014-2019) के रूप में एक मजबूत पृष्ठभूमि है।
नवनियुक्त राज्यपाल, जिन्होंने 1977 में जमशेदपुर में टाटा स्टील में एक कर्मचारी के रूप में काम करने के बाद अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया, दो बार भाजपा की झारखंड इकाई के अध्यक्ष रहे। गौरतलब है कि कुछ राज्यों में राज्यपाल अपने विवादों और राज्य सरकारों के साथ टकरावपूर्ण रवैये के कारण सुर्खियों में रहते हैं।
मीडिया में आई खबरों के मुताबिक इससे वहां की राजनीति में उथल-पुथल मच गई है। दास ने मीडिया को अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि वह खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें ओडिशा के लोगों की सेवा करने का मौका दिया गया।












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