Coronavirus के नए स्ट्रेन में 17 बदलाव, 8 काफी संक्रामक, सर्तक रहने की जरूरत
नई दिल्ली। ब्रिटेन में पाए गए कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन से पूरी दुनिया के खलबली मची हुई है। नया स्ट्रेन काफी तेजी से फैल रहा है। भारत में भी ब्रिटेन से आए 6 लोगों में इस वायरस के लक्षण पाए गए हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि नया स्ट्रेन पुराने से 70 फीसदी ज्यादा तेजी से फैलता है। तो वहीं स्वास्थय मंत्रालय ने प्रेस कांफ्रेस में बताया कि इस स्ट्रेन के स्पाइक प्रोटीन में 17 बदलाव हैं, जिसमें से 8 काफी संक्रामक है।

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दरअसल भारत में पिछले कुछ हफ्तों से कोरोना के मरीजों के आंकड़ों में लगातार कमी आ रही थी। ऐसे में नए स्ट्रेन ने सरकार की चिताएं बढ़ा दी है। ये नया कोरोना क्यों इतना संक्रामक है? यह कितना खतरनाक है? एक्सपर्ट्स ने अपनी राय दी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि 17 में से एक बदलाव ऐसा है, जिससे स्पाइक प्रोटीन की किसी इंसान की कोशिका में प्रवेश करने की क्षमता बढ़ गई है। प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के विजय राघवन ने कहा कि अब तक यह नहीं पाया गया है कि नया स्वरूप बीमारी की गंभीरता को बढ़ा देता है।
राघवन ने कहा, "अगर आप सार्स-सीओवी-2 की सतह को देखेंगे तो ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका में मिले स्वरूपों में स्पाइक प्रोटीनों में बदलाव है। ब्रिटेन में कोरोना वायरस के नए स्वरूप में 17 बदलाव हैं, जिनमें से आठ बेहद महत्वपूर्ण हैं। यह आठ स्पाइक प्रोटीन को बदलते हैं।" विषाणु मानव कोशिका में 'रिसेप्टर' के जरिये प्रवेश करता है। उन्होंने कहा कि एन501वाई मानव कोशिका में विषाणु के प्रवेश के लिये एसीई2 रिसेप्टर से नजदीकी बढ़ाता है. उन्होंने कहा कि वायरस के नए स्वरूप को लेकर चिंताएं है। ब्रिटेन के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सितंबर-अक्टूबर में वहां मामले कम थे लेकिन कोरोना वायरस का नया स्वरूप कुल संक्रमण के 80 प्रतिशत मामलों में है।
कोरोना वैक्सीन विकसित करने वाली हैदराबाद की कंपनी भारत बायोटेक के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक कृष्ण एला ने कहा है कि कोरोना वायरस के नए स्वरूप के खिलाफ उनकी वैक्सीन काम कर सकती है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस में बहुत ज्यादा बदलाव होने की उम्मीद है और आप निश्चिंत हो सकते हैं कि यह टीका उनसे भी रक्षा करेगा।












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