NDA में महिलाओं के पहले बैच की टॉपर बनीं 19 साल की शनन, जानें कैसे की परीक्षा की तैयारी
NDA में महिलाओं के पहले बैच की टॉपर बनीं 19 साल की शनन, जानें कैसे की परीक्षा की तैयारी
नई दिल्ली, 22 जून: कहते हैं कड़ी मेहनत और सच्ची लगन का फल जरूर मिलता है। लड़कियों ने अब हर क्षेत्र में सदा से अपना परचम लहराया है और साबित कर दिया है कि वो किसी से कम नहीं हैं। ऐसा ही कुछ बड़ा कारनामा हरियाणा की 19 साल की बेटी शनन ढाका ने कर दिया है। वर्तमान समय में पंजाब के जीरकपुर में रहने वाली शानन ने इंडियन आर्मी में महिलाओं के पहले बैच की एनडीएक की परीक्षा में टॉप किया है। आइए जानते हैं शानन की सफलता की कहानी उन्हीं की जुबानी.....

शनन ढ़ाका ने लड़कियों में टॉप किया
बता दें सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश के बाद 2021 में भारत सरकार ने एनडीए में लड़कियों के प्रवेश की अनुमति दे दी थी। जिसके बाद एनडीए में महिला बैच की शुरूआत के लिए ये परीक्षा हुई जिसमें रोहतक की मूल निवासी शनन ढ़ाका ने लड़कियों में टॉप किया।

ओवरऑल दसवीं रैंक हासिल की है
बता दें राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) की प्रवेश परीक्षा में हरियाणा की वूमेन कैंडिडेट में शनन ने पहला और ओवरऑल दसवीं रैंक हासिल की है। इस वर्ष परीक्षा को पास करने वाले पहली बार महिला कैडेटों को प्रवेश मिलेगा।

शनन ने एनडीए परीक्षा की ऐसे की तैयारी
19 वर्षीय शनन ढाका ने सेना में आने का फैसला के बारे में कहा यह तात्कालिक था। शानन ढाका ने मीडिया को दिए इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने परीक्षा में हिस्सा लेने से पहले 40 दिनों तक हर दिन पांच-पांच घंटे पढ़ाई की और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को हल किया और उनके प्वाइंट्स बनाकर उससे तैयारी की।

शनन को सेना में आने की इसने मिली प्रेरणा
मीडिया को दिए इंटरव्यू में शानन ने बताया कि वो एक सेना परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके दादा चंद्रभान ढाका सेना में सूबेदार और पापा विजय कुमार ढाका सेना सेवा कोर में नायब सूबेदार थे। दोनों ही रिटायर हो चूके हैं। शासन ने कहा मुझे सशस्त्र बलों में शामिल होने की प्रेरणा उन्हीं से मिली।

सेना ज्वाइन करने के लिए ये बातें करती रहीं शनन को प्रेरित
शनन ने कहा बचपन से सेना के महौल में बड़े होते हुए मैंने देखा कि सेना के अधिकारियों को सम्मान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा सेना के जवानों पर हर किसी का अथाह विश्वास उन्हें वास्तव में सेवा ज्वाइन करने के लिए प्रेरित करता था। राष्ट्र की सेवा करने का अवसर है।

श्रीराम कॉलेज फॉर विमेन में एक साल पहले ही लिया था एडमीशन
रुड़की, जयपुर और चंडीमंदिर (पंचकुला) में आर्मी पब्लिक स्कूल में पढ़ाई के बाद शनन ने पिछले साल ही दिल्ली में लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर विमेन में ग्रेजुएशन में एडमीशन लिया था। शनन बताती हैं इसी दौरान उन्हें महिलाओं के सेना में भर्ती होने की बात पता चली और उन्होंने अप्लाई करने का फैसला किया।

परीक्षा को पास करना आसान नहीं था
बता दें एनडीए परिणाम 14 जून को घोषित किए गए जिसमें 19 गर्ल कैडेट होंगी। जिसमें आर्मी के लिए 10, वायु सेना के लिए छह और नौसेना के लिए तीन। अकादमी ने कहा है कि तीन साल का ट्रेनिंग "जेंडर न्यूट्रल" तरीके से आयोजित की जाएगी। बता दें इस परीक्षा को पास करना आसान नहीं था। सरकारी आंकड़ों के अनुसार एनडीए प्रवेश परीक्षा के लिए 5,75,856 आवेदकों में से 1,77,654 गर्ल कैंडीडेट थीं । परीक्षा पिछले साल 14 नवंबर को आयोजित की गई थी और सितंबर में केंद्र को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद ही महिलाओं को इसमें शाामिल होने की अनुमति दी गई थी।












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