BSF के सीमा क्षेत्र की बढ़ोतरी को लेकर अमित शाह से मुलाकात करेंगे शरद पवार
नई दिल्ली, 16 अक्टूबर: हाल ही में केंद्र सरकार ने बीएसएफ की शक्तियों में बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद से विपक्ष सरकार पर हमलावर है। इस बीच एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की बात कही, जहां वो उनसे सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के परिचालन क्षेत्राधिकार के विस्तार पर चर्चा करेंगे। पवार की ये टिप्पणी ऐसे समय आई है जब पंजाब और पश्चिम बंगाल जैसे कुछ सीमावर्ती राज्यों ने बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र विस्तार के फैसले को संघीय ढांचे का उल्लंघन बताया है।

इस हफ्ते की शुरुआत में पवार ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), आयकर विभाग और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) जैसी केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपोयग का आरोप लगाकर केंद्र के फैसले की आलोचना की थी। अब उन्होंने बीएसएफ वाले फैसले पर सवाल उठाए हैं। हालांकि उनसे पहले ही पंजाब के सीएम चरणजीत चन्नी ने केंद्र के इस फैसले की आलोचना की थी। साथ ही गृहमंत्री से फैसला वापस लेने की मांग की थी।
क्या है नया फैसला?
हाल ही में गृह मंत्रालय ने एक आदेश जारी किया। जिसके तहत बीएसएफ का दायर पंजाब और बंगाल में बढ़ाकर 15 किलोमीटर से 50 किलोमीटर कर दिया गया है। इस क्षेत्र में बीएसएफ के अधिकारी पुलिस की तरह तलाशी, गिरफ्तारी, जांच आदि कर सकते हैं। इसका मकसद सीमावर्ती क्षेत्र में तस्करी, घुसपैठ और देश विरोधी गतिविधियां रोकना है। राजस्थान में ये सीमा 50 किमी थी, जिससे छेड़छाड़ नहीं की गई है। हालांकि गुजरात में 80 किलोमीटर की जगह अब बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र 50 किलोमीटर कर दिया गया है।
असम ने किया स्वागत
पश्चिम बंगाल और पंजाब की आलोचना के बावजूद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने केंद्र के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि असम बीएसएफ के परिचालन अधिकार क्षेत्र के विस्तार का स्वागत करता है। राज्य पुलिस के साथ समन्वय में यह कदम सीमा पार तस्करी और अवैध घुसपैठ को हराने के लिए एक मजबूत निवारक के रूप में काम करेगा।












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