अष्टलक्ष्मी है नॉर्थ ईस्ट, अब बनेगी देश की भाग्यलक्ष्मी: मोदी

नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में सबसे पहले नीडो हत्याकांड पर संवेदना व्यक्त की और इस वारदात को देश के लिये शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य कारण है यहां से होने वाला पलायन। उन्होंने कहा कि पलायन का मुख्य कारण बेरोजगारी है।
मोदी ने कहा कि वो हाल ही में नॉर्थ ईस्ट के नौजवानों से मिले, उनसे बात की, घंटों तक उनके दर्द को सुना। मणिपुर की बेटियों से मिले। उनके दर्द को सुन कर पीड़ा होती है। यह सब गवरनेंस में खामियां की वजह से हो रहा है। ऐसा एक राज्य में नहीं, बल्कि पूरे राज्य में ऐसा चल रहा है।
मोदी का कमिटमेंट
मोदी ने कहा, "भाईयों मैं यहां एक कमिटमेंट के साथ आया हूं। मैं यहां पर कुछ वादे करूंगा। ये वो वादे हैं जो अटल जी ने किये थे आज मैं उन्हें पूरा करना चाहता हूं।"
पूर्वोत्तर के राज्यों में जड़ी बूटियों की भरमार है, लेकिन फिर भी दवाएं बनाने के मामले में चीन हमसे आगे है। हम इन राज्यों में मेडिसिन हब बनाने के मकसद को पूरा करना चाहते हैं, ताकि दुनिया भर में यहां से दवाएं बन कर सप्लाई हो सकें।
इन राज्यों में कई खादानें मिली हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने यहां पर उन खदानों का मूल्य नहीं समझ। भ्रष्टाचार में डूबी कांग्रेस ने खदानों का कोई फायदा नहीं उठाया। हम उन खदानों को राष्ट्रीय संपदा को मजबूत करने में इस्तेमाल कर सकते हैं।
कमल पर विराजमान होगी अष्ट लक्ष्मी
मोदी ने कहा कि देश के नॉर्थ ईस्ट राज्यों- अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालया, मिजोरम, नागालैंड, मणिपुर और त्रिपुरा को सेवन सिस्टर्स कहा जाता है। ये सात नहीं आठ हैं, इसमें त्रिपुरा को भी जोड़ें तो ये आठ राज्य बन जाते हैं। आठ यानी अष्ट और अष्ट लक्ष्मी का यह रूप भारत की अर्थ व्यवस्था को मजबूत करेगा।
ये अष्ट लक्ष्मी ही देश की भाग्य लक्ष्मी बनेंगी। नॉर्थ ईस्ट देश की अर्थ व्यवस्था को ऊपर उठाने में बड़ी भूमिका निभायेगा। हम सबको मालूम है कि लक्ष्मी कमल पर विराजती है। और अगर लक्ष्मी कमल पर विराजती है, तो यहां के नागरिकों को तय करना होगा कि इस अष्ट लक्ष्मी को भी कमल से सुशोभित करनी होगी। ताकि यह क्षेत्र बड़ी आर्थिक शक्ति के रूप में उभर कर आये।
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