नरेन्द्र मोदी ने पूछा इतना सन्नाटा क्यों है भाई?
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एम्स सभागार में चल रहे दीक्षांत समारोह के गंभीर माहौल पर अपनी बातों की फुहार से खुशनुमा बनाया। मंच पर आते ही पीएम ने कहा कि सब इतने गंभीर क्यों बैठे हैं, क्या कुछ बात हुई है?

मौका था एम्स के दीक्षांत समारोह जिसके मुख्य अतिथि थे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी। उन्होंने डॉक्टर बनने जा रहे छात्रों को जीवन के कुछ अहम मंत्र दिए। पढ़िए उनके संबोधन के मुख्य अंश -
मुझे कभी कोई अवॉर्ड नहीं मिला
मोदी ने छात्रों को बताया कि मुझे कभी कोई अवॉर्ड नहीं मिला न मैं बहुत अच्छा छात्र था। आप सबको बधाई कि आप तो डॉक्टर बनने जा रहे हैं।
गरीब और होनहार पर दें ध्यान
मोदी ने एम्स के प्रशासन से भी अपील की कि वे दीक्षांत समारोह में गरीब और होनहार छात्रों को आने का मौका दें।
एकलव्य की तरह रखें लक्ष्य
एकलव्य को आपकी तरह प्रोटेक्टेड माहौल में नहीं पढ़ा था। जिसने हर पल लड़ के शिक्षा प्राप्त की लेकिन उसका लक्ष्य जो था वो उस पर टिका रहा।
हर पल जीवन से लड़ें
जीवन में कभी भी यह भाव नहीं लाना चाहिए कि सब कुछ कर लिया और स्टेबल हो गए। ऐसा करते ही तरक्की रूक जाती है।
छोटी क्लास से बड़ी क्लास में करें प्रवेश
आप का सफर खत्म हो गया और एक नया चैप्टर शुरू करेंगे, ऐसी सोच कहीं न कहीं आपको भी खत्म कर देती है।
हमेशा रखें स्टूडेंट को ज़िंदा
जिसके भीतर स्टूडेंट हमेशा ज़िंदा रहता है वही जीवन में कुछ पा सकता है। सीखने की ललक कभी नहीं मरनी चाहिए।
आपके ऊपर सबका कर्ज़
आपका जीवन कई लोगों ने मिलकर बनाया है और आपके ऊपर उन सबका कर्ज़ है। जिसने आपको मेस में चाय पिलाई उसका भी।
बीमार से जुड़ें बीमारी से नहीं
बीमारी का इलाज रोबोट भी कर सकता है। फिर आपकी क्या ज़रूरत है। मरीज़ के दुख से जु़ड़िये। उसके साथ विश्वास का रिश्ता बनाइये।












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