'मिशन दाऊद इब्राहिम' पर मोदी और अजित डोवाल
बेंगलुरु। यूएई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गर्मजोशी के साथ स्वागत हुआ। यह स्वागत साफ तौर पर दर्शा रहा है कि साउदी और भारत सरकारों के बीच करीबियां बढ़ चुकी हैं। ऐसे में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की रातों की नींदें हराम होना वाजिब है, क्योंकि मोदी के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल इस वक्त मिशन दाऊद पर हैं।

हमने कल ही सवाल उठाया था कि क्या नरेंद्र मोदी दाऊद इब्राहिम को लेकर यूएई सरकार से बात करेंगे? इस सवाल का उत्तर अजित डोवाल के हाथों में रखी फाइलों में हां के रूप में है। इन फाइलों में एक लिस्ट वो भी है, जिसमें दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी का पूरा विवरण है। इस सूची में उन कंपनियों का विवरण है, जो साउदी अरब में दाऊद चला रहा है।
जाहिर है, इस लिस्ट के आधार पर नरेंद्र मोदी यूएई सरकार के साथ मिलकर दाऊद को आर्थिक चोट देने की प्लानिंग कर रहे हैं।
पश्चिमी एशिया में आतंकी संगठन
अजित डोवाल ने हाल ही में रॉ (रिसर्च एंड एनालिसिस विंग) और डीजीएमआई (डायरेक्टरेट ऑफ मिलिट्री इंटेलीजेंस) से भारत, पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और पश्चिमी एशिया में संचालित आतंकी संगठनों की सूची मांगी थी। उसी वक्त यह बात भी सामने आयी थीं कि इस वक्त अजित डोवाल का पहला लक्ष्य दाऊद को पकड़कर भारत लाना है।
इस वक्त अजित डोवाल का पहला लक्ष्य दाऊद को पकड़कर भारत लाना है। दाऊद कराची में बैठकर भारत में आतंकी संगठनों को आर्थिक मजबूती प्रदान कर रहा था। इसीलिये डोवाल ने देश के सभी एनजीओ की फंडिंग पर स्कैनर लगा दिया। नेपाल बॉर्डर और बांग्लादेश बॉर्डर पर सख्ती के बाद आईएसआई श्रीलंका के रास्ते अपने मंसूबों को अंजाम देने की प्लानिंग कर रहा है। डोवाल ने इस रास्ते पर भी कड़ा चेक लगा दिया है।












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