मोदी दशावतार नहीं बल्कि शतावतार हैं: जयराम रमेश

उन्होने कहा कि मोदी 1992 में कांशीराम के बयान से सहमत नहीं थे, मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या अब वह कांशीराम के बयान से सहमत हैं। उन्होने यह भी कहा कि गुजरात सरकार ने दावा किया है कि ग्रामीण इलाकों में प्रदेश में लगभग 82 फीसदी शौचालय हैं जबकि यह आंकड़ा मात्र 34 फीसदी है।
जयराम रमेश ने दोहराया कि जब मैंने ऐसा ही एक बयान दिया था तो मेरे भाजपाई दोस्तों ने मुझ पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया था। वहीं कुछ हिंदू संगठनों के लोगों ने विरोध का बेहद घटिया तरीका अपनाया और मेरे घर के सामने पेशाब से भरी बोतल रख दी। उन्होने मजाकिया लहजे में कहा कि चलो अब मोदी को ज्ञान तो मिल गया।
यह ध्यान देने योग्य है कि भाजपा की तरफ से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी इन दिनों देशभर में अपनी पार्टी का जनाधार बढ़ाने के लिए घूम रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होने अभी हाल ही में मैनेजमेंट छात्रों को संबोधित किया था।












Click it and Unblock the Notifications