UPSC परिणाम: चौथी बार में टॉपर बनी नंदिनी के आर, बीते साल ज्वाइन किया था IRS
अब लड़कियों के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षाओं को टॉप करना दूर की कौड़ी नहीं रही।
नई दिल्ली। अब लड़कियों के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षाओं को टॉप करना दूर की कौड़ी नहीं रही। यह एक बार फिर से साबित कर दिखाया है कर्नाटक स्थित कोलार गोरल्ड फील्ड की नंदिनी के आर ने। साल 2016 के लिए बुधवार (31 मई ) को घोषित किए गए परिणाम में नंदिनी टॉपर हैं।

अन्य पिछड़ा वर्ग से आने वाली नंदिनी ने 16 साल बाद फिर से कर्नाटक का सिर ऊंचा किया है। 16 साल पहले यहीं राज्य की विजयलाक्षी बिडारी से सिविल सर्विसेज के एग्जाम में टॉप किया था।

तभी ठान लिया कि बनूंगी IAS
नंदिनी का बचपन कोलार गोल्ड फील्ड में ही बीता। उनका जन्म भी यहीं हुआ। नंदिनी ने सेंट जोसेफ कॉन्वेन्ट गर्ल्स हाई स्कूल से किया। स्कूली दौर में ही नंदिनी ने IAS अधिकारी बनने की ठान ली थी। उनके लिए यह आसान नहीं था कि वो पढ़ाई पूरी करने के बाद प्राइवेट नौकरी करें या फिर IAS की तैयारी करें।
इस दौरान उन्होंने कर्नाटक के लोक निर्माण विभाग (PWD) में बतौर इंजीनियर काम किया। बता दें कि नंदिनी ने सिविल इंजनियरिंग में प्रतिष्ठित एमएस रमैय्या इंजनियरिंग कॉलेज बेंगलुरू से बी.टेक किया है।
2015 में भी क्लियर किया था UPSC
नंदिनी ने साल 2015 में दिए UPSC एग्जाम को भी क्लियर किया था। हालांकि उनकी रैंक अच्छी नहीं थी उन्हें भारतीय वाणिज्य सेवा (IRS) में ज्वाइनिंग मिली। उन्होंने बिना IAS की तैयारी से समझौता करते हुए IRS ज्वाइन किया।
इस साल वो अच्छी तैयारी के साथ फिर से परीक्षा दी और UPSC का परिणाम उनकी कड़ी मेहनत का आईना बना। नंदिनी ने IAS की परीक्षा में बतौर वैक्लपिक विषय कन्नड़ साहित्य चुना था। वो चौथी बार में टॉपर बनीं।
क्या कहना है नंदिनी का
अपनी सफलता से उत्साहित नंदिनी ने कहा, 'यह एक सपने के सच होने जैसा है। वह हमेशा से ही आईएएस अधिकारी बनना चाहती थीं।' ओबीसी वर्ग की नंदिनी ने वैकल्पिक विषय के तौर पर कन्नड़ साहित्य का पेपर दिया था। उन्होंने बंगलूरू स्थित एमएस रमैया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से सिविल इंजीनियरिंग में बीई की डिग्री हासिल की है। उनका यह चौथा प्रयास था।












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