नगालैंड में राजनीतिक संकट, मुख्यमंत्री का इस्तीफ़ा
स्थानीय चुनाव में महिलाओं को 33 फ़ीसदी आरक्षण के फ़ैसले से शुरू हुआ ज़ेलियांग का विरोध.
भारत के पूर्वोत्तर राज्य नगालैंड में उत्पन्न हुए राजनीतिक संकट के बाद रविवार को मुख्यमंत्री टीआर ज़ेलियांग ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.
राज्यपाल पी बी आचार्य ने उनका इस्तीफ़ा स्वीकार भी कर लिया है और नई व्यवस्था होने तक उनसे पद पर बने रहने को कहा है.
आंदोलनकारी समूहों और सरकार के बीच गतिरोध ख़त्म करने के लिए मुख्यमंत्री ज़ेलियांग ने रविवार को अपनी पार्टी नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ़) के विधायक दल के सदस्यों को एक पत्र लिखकर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देने के अपने फ़ैसले से अवगत कराया था.
ज़ेलियांग ने पत्र में विधायकों से एक सचेत नेता चुनने को भी कहा जो उनकी जगह लेगा.
इस संदर्भ में सोमवार को सुबह 10 बजे एनपीएफ़ विधायक दल की एक आपातकालीन बैठक बुलाई गई है. विधायक दल की बैठक के ठीक बाद 11 बजे डेमोक्रेटिक अलायंस ऑफ़ नगालैंड गठबंधन के सदस्यों की बैठक भी बुलाई गई है.
नगालैंड में महिला आरक्षण पर बवाल
नगालैंड में हिंसक प्रदर्शन, कई सरकारी भवन आग के हवाले
इससे पहले ज़ेलियांग ने 16 फरवरी को आंदोलन कर रहे नगालैंड ट्राइब्स एक्शन कमेटी (एनटीएसी) के संयोजक को एक पत्र लिखकर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देने के लिए दो से तीन दिन का समय मांगा था.
स्थानीय नगा जनजाति समूहों को लेकर गठित एनटीएसी स्थानीय निकाय चुनाव में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का लगातार विरोध कर रही है. आंदोलनकारी मुख्यमंत्री ज़ेलियांग के इस्तीफ़े की मांग पर अड़े हुए थे.
नगालैंड में होने वाले निकाय चुनाव में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के फ़ैसले का विरोध करते हुए 31 जनवरी को नगा जनजाति समूहों ने दीमापुर में एक मार्च निकाला था.
इस मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़प में दो लोगों की मौत हो गई थी.
इन दो युवकों की मौत से ग़ुस्साई भीड़ ने बाद में राजधानी कोहिमा स्थित मुख्यमंत्री आवास को घेर लिया था और कई सरकारी भवनों में आग लगा दी थी.
आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री ज़ेलियांग पर इस्तीफ़ा देने का दबाव बनाते हुए राज्य में बेमियादी बंद का एलान कर दिया था.
60 सीटों वाली नगालैंड विधानसभा में विपक्ष में एक भी सदस्य नहीं है. सत्ताधारी नागालैंड डेमोक्रेटिक गठबंधन की सरकार में एनपीएफ़ के जहां 48 विधायक हैं, वही गठबंधन सहयोगी भाजपा के चार और आठ निर्दलीय विधायक हैं.
इससे पहले शनिवार को 50 से अधिक विधायकों ने राज्य से एकमात्र लोकसभा सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री नेफियू रियो को विधायक दल के नए नेता के रूप में स्वीकार करते हुए एक समर्थन पत्र पर हस्ताक्षर किए थे.
एनपीएफ पार्टी के एक नेता ने नाम नहीं बताने की शर्त पर यह दावा किया कि नेफियू रियो को आठ निर्दलीय सहित 49 विधायकों का समर्थन प्राप्त है. ऐसी चर्चा है कि रियो एकबार फिर से प्रदेश के मुख्यमंत्री होंगे.












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