अरुणाचल प्रदेश में कांग्रेस की हालत खस्ता, एकमात्र विधायक नबाम तुकी ने दिया कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा
अरुणाचल प्रदेश के पूर्व सीएम नबाम तुकी ने कांग्रेस अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने शुक्रवार को AICC को इस्तीफा सौंपा। अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के जनरल सेक्रेटरी ग्यामार ताना ने शनिवार को कहा कि नबाम ने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दिया है।
उनका इस्तीफा आगामी चुनावों से पहले आया है। आपको बता दें कि इस महीने की शुरुआत में कांग्रेस के 3 नेता भाजपा में शामिल हो गए। अपने विधायकों को भाजपा में शामिल होने से नहीं रोक पाने के बाद तुकी ने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे दिया।

नबाम तुकी राज्य में पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेता और एकलौते बचे विधायक हैं। नबाम तुकी नवंबर 2011 से फरवरी 2016 तक सीएम रहे और उन्होंने तीन दशकों (6 बार) तक अरुणाचल प्रदेश के पापुम पारे जिले के सागली विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।
आपको बता दें कि अरुणाचल प्रदेश में साल 2019 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 4 सीटें जीती थीं। लेकिन अब राज्य में कांग्रेस के पास बस 1 विधायक रह गया है। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पहले जिसे अपने विधायक दल का नेता बनाया था, वही लोम्बो तायेंग पार्टी का हाथ छोड़ भारतीय जनता पार्टी के साथ जुड़ गए थे।
लोम्बो तायेंग के पार्टी छोड़ने से पहले पिछले ही हफ्ते कांग्रेस के दो विधायक निनॉन्ग एरिंग और वांगलिन लोवांगडोंग भाजपा में शामिल हुए थे। उनके साथ एनपीपी के 2 विधायकों ने भी बीजेपी की सदस्यता ली थी। भाजपा में शामिल होने वाले एनपीपी के दो नेता क्रमशः रोइंग विधायक मुच्चू मीठी और बसर विधायक गोकर बसर हैं।
इनके पार्टी में आने से विधानसभा में भाजपा के विधायकों की संख्या बढ़कर 57 हो गई है। विधानसभा चुनाव से पहले यू भाजपा के पाले में दूसरी पार्टी के नेताओं का आना दिखाता है कि इस बार भी प्रदेश में बीजेपी की स्थिति मजबूत है।












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