Mulayam Singh Yadav Family Tree: जानिए 'नेताजी' के परिवार को, तीन दलों में एक्टिव हैं फैमिली के लोग
Mulayam Singh Yadav ka Pariwaar: आज सपा फाउंडर मुलायम सिंह यादव ने दुनिया को अलविदा कह दिया है। 82 साल के मुलायम पिछले काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। उनके जाने से आज पूरी समाजवादी पार्टी पूरी तरह से हिल गई है। सैफई में भगवान की तरह पूजे जाने वाले मुलायम सिंह को लोग प्यार से 'नेता जी' कहकर बुलाते थे। यहां तक कि खुद अखिलेश यादव अपने पिता को नेताजी ही कहकर संबोधित करते थे।
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गरीब किसान के घर हुआ था मुलायम का जन्म
मुलायम सिंह यादव और उनकी पार्टी पर हमेशा परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगता आया है लेकिन इन सारी बातों से इतर सपा का ये यादव परिवार आज यूपी के ही नहीं बल्कि देश के सशक्त राजनीति का हिस्सा बन चुका है। आपको बता दें कि मुलायम सिंह यादव का जन्म एक गरीब किसान के घर हुआ था। उनके दादा जी का नाम मेवाराम था, जिनके दो पुत्र थे -सुघर सिंह और बच्चीलाल सिंह।

मुलायम सिंह के पांच भाई
सुघर सिंह के पांच बेटे और बच्चीलाल सिंह के बेटे का नाम रामगोपाल यादव है। सुघर सिंह के सबसे बड़े बेटे अभयराम सिंह थे, जिनके बेटे का नाम धर्मेंद्र सिंह है जो कि सपा पार्टी से एक बार मैनपुरी और दो बार बदायूं के सांसद रह चुके हैं। तो वहीं रतन सिंह के बेटे का नाम तेज प्रताप यादव है, जो कि मैनपुरी से सांसद रह चुके हैं, वो राजद सुप्रीमो लालू यादव के दामाद भी हैं, उनकी सबसे छोटी बेटी की शादी तेज से हुई है।

मुलायम सिंह की दो शादियां हुई थीं
तो वहीं मुलायम सिंह की दो शादियां हुई थीं। पहली शादी से उनको बेटा अखिलेश यादव है, जो कि यूपी के पूर्व सीएम रह चुके हैं तो उनकी पत्नी का नाम डिंपल यादव है, तो वहीं प्रतीक यादव मुलायम की दूसरी पत्नी यानी कि साधना गुप्ता के बेटे हैं, उनकी शादी अपर्णा बिष्ट से हुई है, जो कि अब भाजपा की सदस्य हैं।

शिवपाल ने सपा छोड़कर प्रसपा बनाई थी
राजपाल सिंह भी मुलायम के करीबी रहे हैं, उनके बेटे का नाम अंशुल यादव है, जो कि दो बार जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुके हैं। शिवपाल सिंह यादव मुलायम सिंह यादव के सबसे छोटे भाई हैं और उनके काफी करीबी रहे हैं। दोनों को लोग राम-लखन की जोड़ी कहा करते थे लेकिन अखिलेश यादव से मनमुटाव के चलते शिवपाल ने सपा छोड़कर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी बनाई थी। उनके बेटे का नाम आदित्य सिंह यादव हैं और वो भी राजनीति में सक्रिय हैं।

अक्षय फिरोजाबाद के सांसद रह चुके हैं
जबकि अखिलेश यादव के काफी क्लोज रहने वाले रामगोपाल यादव बेटे अक्षय फिरोजाबाद के सांसद रह चुके हैं। शिवपाल सिंह यादव अपने और अखिलेश के बीच हुए मतभेद की वजह राम गोपाल को ही बताते आए हैं।

परिवार को एकता के सूत्र में बांधने की कोशिश की
हालांकि भले ही कितनी भी सोच में परिवर्तन हो, मुलायम सिंह ने हमेशा अपने परिवार को एकता के सूत्र में बांधने की कोशिश की और विरोधो और आरोपों को दरकिनार करते हुए उन्होंने अपने परिवार के हर एक सदस्य को आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।












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