मुलायम का संदेश: पाकिस्तान कितनी भी कोशिश कर ले भारत का सामना नहीं कर पाएगा
लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने पार्टी के तीन दिवसीय अधिवेशन के समापन सत्र को सम्बोधित करते हुए शुक्रवार को कहा कि भारत-पाक सीमा पर गोलीबारी चल रही है, ऐसे में समाजवादियों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है कि वे समाज में सद्भाव व भाईचारा बनाए रखें। उन्होंने कहा कि कुछ शक्तियां गोलीबारी के बहाने देश में अशांति फैलाने की साजिश रच रही हैं, उससे हमें सावधान रहने की जरूरत है।

देश के पूर्व रक्षा मंत्री मुलायम ने पाकिस्तान को चेतावनी दी और कहा कि वह कितनी भी कोशिश कर ले लेकिन हिन्दुस्तान का सामना नहीं कर पाएगा। उन्होंने कहा कि हमारे देश की फौज बड़ी लड़ाकू है और जांबाज जवान बड़े ही बहादुर और साहसी हैं। मुलायम ने हालांकि इस दौरान बगैर नाम लिए केंद्र सरकार को भी आड़े हाथों लिया और कहा कि इस गोलीबारी के बहाने देश की कुछ शक्तियां सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने की साजिश रच रही हैं, जिससे हमें सावधान रहने की जरूरत है।
मुलायम ने लगभग 40 मिनट के सम्बोधन में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को बार-बार सावधान किया कि वे भाइचारे को किसी भी तरह बिगड़ने न दें और सामाजिक एकता को बनाए रखें। उन्होंने यह भी कहा कि इस समय देश में सांप्रदायिक शक्तियां सामाजिक सौहार्द्र बिगाड़ने की भरपूर कोशिश कर रही हैं और इससे एक-दूसरे के बीच अविश्वास भी बढ़ गया है, ऐसे में समाजवादियों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह है कि वे समाज में विश्वास का माहौल बनाए रखने की कोशिश करें।
मुलायम ने अपने सम्बोधन के दौरान समाजवादी पार्टी के आज तक के 22 वर्ष लम्बे संघर्ष का जिक्र भी किया। उन्होंने बताया कि पार्टी आज जिस मुकाम पर है, वहां वह एक लम्बे संघर्ष के बाद पहुंची है। इस दौरान उन्होंने अपने उन तमाम साथियों को भी याद किया जिनका पार्टी के विकास में योगदान रहा है। सपा मुखिया ने किसानों की समस्या व नौजवानों की बेरोजगारी पर संघर्ष करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि किसानों को उनके उत्पाद के लागत मूल्य का डेढ़ गुना दाम मिलना चाहिए। इसके लिए उन्होंने केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
मुलायम ने बगैर नाम लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा और कहा कि चुनाव के दौरान उन्होंने नौजवानों को तमाम सपने दिखाए थे लेकिन सरकार में आने के बाद उनके रोजगार की व्यवस्था नहीं की जा रही है। इससे पहले अधिवेशन को सम्बोधित करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री व सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि केंद्र की गलत नीतियों के कारण जीवन रक्षक दवाइयां महंगी हो गई हैं, ऐसे में गम्भीर रोगों का इलाज कराना गरीबों के लिए बेहद मुश्किल हो गया है। मुख्यमंत्री ने केंद्र के स्वच्छता व गंगा सफाई अभियान पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि केवल एक नदी की सफाई से कुछ नहीं होने वाला है। देश की सभी नदियों की सफाई जरूरी है। यमुना नदी गंगा से भी अधिक गंदी है और इसमें गंदगी दिल्ली से पैदा होती है।
उन्होंने नदियों की सफाई के बहाने केंद्र सरकार पर सांप्रदायिकता फैलाने का भी आरोप लगाया और कहा कि नदियां धर्मनिर्पेक्ष होती हैं। वे किसी एक वर्ग के काम नहीं आती हैं। अखिलेश ने केंद्र पर पूंजीवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और कहा कि पूंजीवाद को बढ़ाने के साथ केंद्र सरकार सांप्रदायिक एजेंडे को गुप्त रूप से लागू कर रही है।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान अपनी सरकार की उपलब्धियां भी एक-एक कर गिनाई। उन्होंने कहा कि सपा सरकार उप्र के सर्वांगीण विकास के लिए काम कर रही है। अखिलेश ने प्रदेश की खराब सड़कों का ठीकरा भी केंद्र सरकार उपर फोड़ा। सपा का 9वां राष्ट्रीय अधिवेशन राजधानी लखनऊ के गोमतीगर स्थित जनेश्वर मिश्र पार्क में आठ अक्टूबर से चल रहा था। इस दौरान मुलायम सिंह यादव फिर से पार्टी के अध्यक्ष चुने गए। शुक्रवार को थोड़े समय के लिए खुला सत्र चला, उसके बाद मुलायम के उद्बोधन के साथ अधिवेशन का समापन हो गया। अधिवेशन में देश के लगभग एक दर्जन राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।












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