मुख्तार अंसारी के भाई का आऱोप-जेल ट्रांसफर के दौरान नहीं दिया गया खाना-पानी
नई दिल्ली। यूपी पुलिस की टीम रोपड़ जेल से मुख्तार अंसारी को लेकर बुधवार तड़के बांदा जेल पहुंची। मंगलवार सुबह यूपी पुलिस की टीम रोपड़ जेल पहुंची थी। रोपड़ जेल अधिकारियों ने कड़ी सुरक्षा के बीच मुख्तार अंसारी को यूपी पुलिस की कस्टडी में सौंपा था। उधर मुख्तार अंसारी के भाई और बीएसपी सांसद अफजल अंसारी ने बुधवार को आरोप लगाया कि पंजाब से बांदा जेल में स्थानांतरित होने के दौरान उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया है। अफजल अंसारी ने यहां तक कहा कि, इससे बेहतर हो सकता था कि, सफर के दौरान गोली मार देते।

बीएसपी सांसद अफजल अंसारी के गंभीर आरोप
हालांकि, उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा बांदा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की एक टीम ने जेल में मुख्तार अंसारी की जांच की है। डॉक्टर्स के पैनल की जांच में उन्हे पूरी तरह फिट पाया है। गाजीपुर से बीएसपी सांसद अफजल अंसारी ने कहा कि, पंजाब से बांदा जेल में स्थानांतरित होने के दौरान मुख्तार से अमानवीय व्यवहार किया गया। 15 घंटे से अधिक की यात्रा में, उन्हें रास्ते में पानी और भोजन नहीं दिया गया और चिकित्सा सहायता से भी वंचित कर दिया गया। इसके कारण वह अस्वस्थ हो गए हैं। जब वे बांदा जेल पहुंचे तो वह अर्ध-अचेतन अवस्था में थे।
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अफजल बोले-इससे अच्छा तो रोड़ पर खड़ा करके गोली मार देते
हालाँकि, अफजल अंसारी ने इस बारे में विस्तार से नहीं बताया कि बांदा जेल में स्थानांतरण के दौरान उन्हें अपने भाई को मिले उपचार के बारे में कैसे पता चला। अंसारी ने कहा कि, योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस तरह के कृत्यों से अंग्रेजों को पीछे छोड़ दिया है। जेल मैनुअल के विपरीत, मुख्तार को आइसोलेशन बैरक में रखा गया है। उन्होंने कहा कि, इससे बेहतर होता कि, वह मुख्तार को किसी रोड क्रॉसिंग पर खड़ा करते और गोलीमार देते।

मुख्तार ने पुलिस का खाना-पानी लेने से किया इनकार
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्तार अंसारी को ले जाने वाला काफिला जब आगरा पहुंचा तो, आगरा की पुलिस काफिले से जुड़ गई है। काफिले के लिए 88 पैकेट डिनर सप्लाई किया गया है। वहीं 200 एमएल की 288 पानी की बोतलें ली गई हैं। मुख्तार को भी खाने का पैकेट दिया गया है। हालांकि, पुलिस ने जब उसे पानी की बोतल देने की कोशिश की, तो उसने लेने से मना कर दिया। पंजाब से लाते वक्त मुख्तार के काफिले का रूट तीन बार बदला गया।

बैरक में सीसीटीवी से 24 घंटे नजर
उत्तर प्रदेश सरकार ने हालांकि सभी आरोपों से इनकार किया है और कहा कि बांदा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की एक टीम ने जेल में मुख्तार अंसारी की जांच की है। उन्हें किसी भी तरह की कोई समस्या नहीं हुई है। मुख्तार अंसारी को बैरक नंबर 16 में रखा गया है जो 24 घंटे कैमरे की निगरानी में है, पूरी जेल सीसीटीवी कैमरों से कवर है और जेल मुख्यालय लखनऊ के कमांड सेंटर रूम से इसकी लगातार मॉनिटरिंग उच्चाधिकारियों द्वारा की जा रही है। कारागार की बाहरी सुरक्षा के लिए डेढ़ सेक्शन पीएसी के अतिरिक्त एक प्लाटून पीएसी तैनात है। बांदा जेल को 30 नए सुरक्षाकर्मी दिए हैं जिनमें 12 जेल वार्डर और 18 पीएसी के जवान है। यह नए जेलकर्मी और सुरक्षाकर्मी ही मुख्तार की बैरक के आसपास तैनात रहेंगे।












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