केजरीवाल के टीम में मोस्टवांटेड माओवादी नेता सब्यसाची पांडा की एंट्री!

सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक माओवादी सोनी सोरी के आम आदमी पार्टी में शामिल होने के बाद अब मोस्टवांटेड और फरार माओवादी नेता सब्यासाची पांडा भी आप में शामिल हो गए है। एक न्यूज वेबसाइट ने यह रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट के मुताबिक पांडा और 'आप' के बीच काफी समय से बातचीत चल रही थी। हलांकि आप की ओड़ीसा इकाई के नेता कई बार कहते रहे कि उन्हें सब्यसाची को अपने साथ जोड़ने में कोई परहेज नहीं है। उनकी दलील है कि जब तक हमारे संविधान के खिलाफ कोई काम नहीं करता उसे आप में शामिल करने में कोई परहेज नहीं।
Did You Know: 5 लाख का ईमानी माओवादी पांडा मैथ्य ग्रेजुएट है।
गौरतलब है कि पांडा पर कई आपराधिक मामले दर्ज है। 15 फरवरी को सर्च अभियान के तहत उसे पुलिस की गोली भी लगी और वो बुरी तरह जख्मी हो गया। 3 महिला समेत उसके 6 साथी भी पुलिस की पकड़ में आ गए, लेकिन वो बच निकला। हलांकि पुलिस को उम्मीद है कि बहुत ही जल्द वो पांडा को गिरफ्तार कर लेंगे।
पांडा पर 5 लाख रु. का इनाम घोषित है। 2008 में पांडा ने स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या की थी। इसी साल नयागढ़ में पुलिस के हथियार लूट का भी मास्टमाइंड पाडा था। उसपर कई पुलिसकर्मियों की हत्या का भी आरोप है। 2012 में पांडा ने दो इतालवी पर्यटकों को बंधक बनाया था। हालांकि, बाद में दोनों को बिना हानि पहुंचाए छोड़ दिया गया।
सब्यसाची पांडा कौन?
सब्यसाची ओडि़शा का सबसे बड़ा नक्सली नेता। पुलिस को कई संगीन मामलों में उसकी तलाश है। गरीबों के उसकी छवि मसीहा की है। सब्जासाची ने पुरी के चंद्रशेखर गवर्नमेंट कॉलेज से गणित में ग्रेजुएसन की है। उसके पिता एक स्वतंत्रता सेनानी और नेता रहे है। जो पहले माकपा में थे, लेकिन बाद में उन्होंने बीजू जनता दल का हाथ थाम लिया। पांडा ने भी बीजद का हाथ तामा, लेकिन जल्द ही साथ छोड़कर भाकपा माले लिबरेशन में शामिल हो गया। कंधमाल जिले में दक्षिणपंथी नेता स्वामी लक्ष्मणानंद की हत्या के बाद पांडा सुर्खियों में आये। 2012 में पांडा के संगठन नेताओं से मतभेद शुरु हो गए। पांडा ने पार्टी के बड़े नेताओं को चिट्ठी लिखी और तीखे सवाल उठाए। इसके बाद उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया। इसके बाद पांडा ने अपनी अलग पार्टी ओडि़शा माओवादी पार्टी बनाई।
Did You Know: सब्यसाची पांडा पर पुलिस ने 5 लाख का ईमान रखा है। सब्सासाची के पिता स्वतंत्रता सेनानी थे।












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