लोकसभा चुनाव 2019: वाराणसी से मोदी के खिलाफ 50 से ज्यादा किसान भरेंगे नामांकन, ये है वजह
नई दिल्ली। तेलंगाना के निजामाबाद जिले के कम से कम 50 किसान उत्तर प्रदेश की वाराणसी लोकसभा सीट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नामांकन दाखिल करने की योजना बना रहे हैं। ताकि अपनी फसलों की उच्च कीमत सुनिश्चित करने के लिए हल्दी बोर्ड की उनकी मांग को और मजबूती मिल सके। इनमें महिलाओं और अनुसूचित जाति के लोग शामिल हैं। ये किसान 28 अप्रैल को नामांकन-पत्र दाखिल करेंगे, जबकि इनसे दो दिन पहले पीएम मोदी 26 तारीख को पर्चा भरेंगे।

कम से कम 50 उम्मीदवार भर सकते हैं नामांकन
भारतीय हल्दी उत्पादक किसान संघ के अध्यक्ष पी के देइवासीगामणी ने कहा कि वह अपना नामांकन पत्र 29 अप्रैल से पहले दाखिल करेंगे। वे चुनाव लड़ने के लिए जमानत राशि का इंतजाम कर रहे हैं। वाराणसी में चुनाव आखिरी चरण में 19 मई को होगा। उन्होंने कहा कि, हम कम से कम 50 उम्मीदवार उतारना चाहते हैं, जिसमें महिलाएं, अनुसूचित जाति और समाज के बाकी तबकों से लोग शामिल होंगे। हर दावेदार के लिए हम स्थानीय वोटरों से राय ले रहे हैं और उनके हस्ताक्षर भी। हम इसके अलावा कुछ पैसे भी इकट्ठा करने होंगे।

ये किसान निजामाबाद में हल्दी से जुड़े बोर्ड की स्थापना कराना चाहते हैं
ये किसान निजामाबाद में हल्दी से जुड़े बोर्ड की स्थापना कराना चाहते हैं। साथ ही वे हल्दी व लाल ज्वार के बदले उचित मूल्य पाने की भी लंबे समय से मांग उठा रहे हैं। ऐसे में चुनाव लड़कर वे देश का ध्यान अपनी समस्याओं और चुनौतियों की ओर लाना चाहते हैं। इससे पहले निजामाबाद से 177 किसानों ने सत्ताधारी टीआरएस के खिलाफ विरोध स्वरूप चुनाव लड़ा था। किसानों ने वहां से चुनाव टीआरएस पर हल्दी और लाल ज्वार के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने और निजामाबाद में हल्दी बोर्ड स्थापित कराने में असफल रहने का आरोप लगाते हुए इसके विरोध स्वरूप लड़ा था।

चाहे भाजपा सरकार हो या कांग्रेस सरकार, किसानों को हमेशा ही नजरंदाज किया
देइवासीगामणी ने कहा कि, चाहे भाजपा सरकार हो या कांग्रेस सरकार, किसानों को हमेशा ही नजरंदाज किया जाता है। उन्होंने कहा, हम किसानों के मुद्दों को रेखांकित करना चाहते हैं। हमें अपने उत्पाद के लिए कभी भी लाभकारी कीमत नहीं मिली। उन्होंने दावा किया कि जहां तक सरकारी नीतियों का सवाल है, पूरे देश में किसानों को नजरंदाज किया जाता है। रणनीति पर चर्चा करने के लिए एसोसिएशन के उपराष्ट्रपति के नरसिंह नायडू के नेतृत्व में किसानों ने निजामाबाद में मुलाकात की है।
एक किसान मुस्कु साया रेड्डी ने कहा कि, हम वाराणसी चुनाव में दिलचस्पी नहीं रखते हैं। हम निजामाबाद में हाल के चुनावों में मांग को उजागर करने में सफल रहे। वह पर्याप्त है।
पढ़ें वाराणसी लोकसभा सीट का पूरा चुनावी गणित, जानिए किसका पलड़ा रहेगा भारी












Click it and Unblock the Notifications