दिल्ली में मौसम क्यों हुआ उलटा-पुलटा, जानिए मानसून को लेकर क्या कहते हैं वैज्ञानिक
दिल्ली, 30 जून: दिल्ली-एनसीआर के लोगों को बेमौसम लू के थपेड़ों और कभी-कभी बहुत ज्यादा उमस वाली गर्मी से जल्दी राहत मिलने की उम्मीद नहीं लग रही है। राजधानी में मानसून के दस्तक देने का सामान्य समय 27 जून है और आज उसे गुजरे भी तीन दिन हो चुके हैं। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर-पश्चिम भारत के लोगों को मानसून की पहली फुहारों के लिए अभी कम से कम एक सप्ताह तक और भी इंतजार करना पड़ सकता है। गौरतलब है कि मई महीने में दिल्ली-एनसीआर में अप्रत्याशित बारिश देखने को मिली थी, लेकिन जून ने बारिश की एक-एक बूंद के लिए तड़पा दिया है।

दिल्ली में मौसम क्यों हुआ उलटा-पुलटा
दिल्ली-एनसीआर समेत आसपास के इलाके पिछले कुछ दिनों से लू जैसी तपती गर्मी झेलने को मजबूर हैं। मध्य पाकिस्तान से 20 से 30 किलोमीटर की रफ्तार से चल रही गर्म पछुवा हवाएं राजधानी के लोगों की नाक में दम कर चुकी हैं। यही हाल उत्तर-पश्चिम भारत के दूसरे इलाकों का भी है। इस समय इन इलाकों में ऐसा मौसम है, जो आमतौर पर मई और जून के पहले हिस्से में ही देखा जाता है, जिसके बाद मानसून गिरने के साथ ही तापमान में गिरावट आने लगती है और गर्म हवाएं शांत हो जाती हैं। लेकिन, इस बार पता नहीं मौसम दिल्ली के साथ कौन सा बदला निकाल रहा है कि जून के आखिर में और जुलाई की शुरुआत में भी गर्म हवाएं चल रही हैं।
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जून के आखिर में बहुत ही असामान्य रहा मौसम
दिल्ली-एनसीआर में मौसम के उलटा-पुलटा होने पर स्काईमेट वेदर में क्लाइमेट चेंज और मेटियोरोलॉजी के वाइस प्रेसिडेंट महेश पलावत कहते हैं, 'यह लू की हवाएं हैं, जो सामान्यतौर पर मई और जून के शुरू में महसूस की जाती हैं। जुलाई में इसका चलना या जून के अंत में बहुत ही असामान्य है। दिल्ली के पालम में हवा की गति करीब 40 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे है। मंगलवार तक, नीचे के स्तर पर हवाएं पुरवा थीं और ऊंचाई पर पछुवा। इसलिए, इसमें नमी और सूखी हवाओं का मिश्रण बन गया था, जिससे स्थिति बहुत ही असहज हो गई। तापमान भी बहुत ज्यादा है।'

मानसून आने में कम से कम एक सप्ताह और- आईएमडी
हालांकि, भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के निदेशक एम महापात्रा ने कहा है, 'यह हीट वेव से जुड़ी हवाएं हैं। ये पाकिस्तान से आने वाली गर्म सूखी हवाएं हैं। हम यह नहीं कह सकते कि जून में उनके होने की संभावना नहीं है, क्योंकि हीट वेव जून की शुरुआत और मध्य जून में दर्ज की जाती हैं।' लेकिन, मई महीने में सामान्य से ज्यादा बारिश देख चुकी दिल्ली जून के आखिर में मौसम के इस बदले मिजाज से हैरान है। इस स्थिति को थोड़ा और विस्तार से समझाने की कोशिश की है आईएमडी के नेशनल वेदर फोरकास्टिंग सेंटर की हेड के सती देवी ने। उन्होंने कहा है, 'दबाव की ढाल बहुत ज्यादा है, इसलिए इतनी तेज पछुआ हवाएं चल रही हैं। मानसून के कमजोर पड़ने और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र को पूरी तरह से कवर नहीं कर पाने के कारण पुरवा हवाएं नहीं चलीं। हम कम से कम एक सप्ताह तक मानसून के आगे बढ़ने की उम्मीद नहीं कर रहे हैं।'

अगले पांच दिनों तक स्थिति मानसून के अनुकूल नहीं- आईएमडी
इस बीच बुधवार को जारी आईएमडी की बुलेटिन के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा (एनएलएम) राजस्थान के बाड़मेर, भीलवाड़ा, धौलपुर, यूपी के अलीगढ़ और मेरठ, हरियाणा के अंबाला और पंजाब के अमृतसर से होकर गुजर रही है। एक सप्ताह से अधिक वक्त से यह इसी स्थिति में है। आईएमडी ने कहा है, 'मौसम संबंधी मौजूदा स्थितियां, बड़े पैमाने पर वायुमंडलीय विशेषताएं और गतिशील मॉडल के जरिए हवा के पूर्वानुमान के पैटर्न से पता चलता है कि राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब के बाकी हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए अगले पांच दिन तक कोई अनुकूल परिस्थितियों के विकसित होने की संभावना नहीं है।'(पहली दोनों तस्वीरें फाइल)












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