भोजन की थाली पर भी दिख रहा है बारिश का कहर
पटना (मुकुन्द सिंह)। देश के कई हिस्सों में हो रही मूसलाधार बारिश का प्रभाव अब जेब पर दिखाई देने लगा है। बारिश के कारण सब्जियां और फल महंगे हो गये हैं। कई जगहों पर जलभराव के कारण सब्जी की सप्लाई में व्यवधान पहुंच रहा है। और इसकी वजह से थाली से सब्जी एक बार फिर गायब होती दिख रही है।

सब्जी के फसल को किसान उखाड़ कर नई फसल लगाने की तैयारी में हैं। और बाजार में स्थानीय सब्जी लगभग गायब हो चुकी है। पश्चिम बंगाल और झारखंड से सब्जियां आ रही हैं। लेकिन मध्य प्रदेश और बिहार से होेन वाली सप्लाई पर ब्रेक लग गया है।
हालात यह है कि सब्जी की कीमत आसमान चढ़कर बोल रही है। पिछले एक पखवारे से इसकी कीमतों में खासा इजाफा हुआ है। दामों में इजाफा होने के बावजूद सब्जी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। और तो और दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जी ताजी नहीं दिख रही हैं। यह बात अलग है की कीमत दुगनी हो गई है।
इस कारण लोग कांदा ,अरुई, लातारू और ओल का सहारा ले रहे हैं। साथ ही वैकल्पिक व्यवस्था के तहत चना और बड़ी की बिक्री भी बढ़ी हुई है।
करेला, भिंडी, नेनुआ से लेकर कद्दू, फरसबीन, कुंदरी, परवल, शिमला मिर्च, बंद गोभी, फूल गोभी भी बाजार में उपलब्ध हैं, लेकिन ऊंचे दामों पर। इसका प्रभाव चाउमीन और रॉल बेचने वाले लोगों पर भी पड़ रहा है। टमाटर, हरी मिर्च, हरी धनिया की पत्ती, मूली की कीमत तो पूछिये मत। सब्जी मंडी में विक्रेताओं से बात की तो जवाब मिला कि बारिश के बढ़ने पर कीमतें और बढ़ेंगी।
वर्तमान कीमतें
सब्जी ................... कीमत (रु. में)
मटर छिम्मी --------------250-300
गोभी -------------- 40
मिर्चा -------------- 120
आदी -------------- 60
धनिया पत्ती -------------- 250
हरा पपीता -------------- 40
अमड़ा -------------- 30
शिमला मिर्च -------------- 400
खखसी -------------- 40
कुंदरी -------------- 24
टमाटर -------------- 40
हरा केला -------------- 30
बैगन -------------- 30
नेनुआ -------------- 25
खीरा -------------- 30
भिंडी -------------- 20
अरूई -------------- 30
कद्दू -------------- 20
गाजर -------------- 60
फरसबीन -------------- 400
करैली -------------- 30
ओल -------------- 30












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