Mohan Bhagwat: 'मधुकरराव ने मोहनराव के बनाया पारसमणि' , PM मोदी ने खास अंदाज में भागवत को दी शुभकामनाएं
Mohan Bhagwat: आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत अपना 75वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास मौके पर पीएम मोदी ने उन्हें अनोखे अंदाज में जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं और एक लेख भी लिखा है।
उन्होंने एक्स पर लिखा है कि 'मोहन भागवत जी ने वसुधैव कुटुंबकम के मंत्र से प्रेरित होकर समता-समरसता और बंधुत्व की भावना को सशक्त करने में अपना पूरा जीवन समर्पित किया है। मां भारती की सेवा में सदैव तत्पर मोहन जी के 75वें जन्मदिन के विशेष अवसर पर मैंने उनके प्रेरक व्यक्तित्व को लेकर अपनी भावनाएं रखी हैं। मैं उनके दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं।'

उन्होंने अपने लेख में लिखा है कि 'यह एक सुखद संयोग है कि इसी साल संघ भी अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है। मैं भागवत जी को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं और प्रार्थना करता हूँ कि ईश्वर उन्हें दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करें।'
Mohan Bhagwat के परिवार से बहुत गहरा संबंध: PM मोदी
'मेरा मोहन भागवत जी के परिवार से बहुत गहरा संबंध रहा है। मुझे उनके पिता, स्वर्गीय मधुकरराव भागवत जी के साथ निकटता से काम करने का सौभाग्य मिला था। मैंने अपनी पुस्तक ज्योतिपुंज में मधुकरराव जी के बारे में विस्तार से लिखा भी है। वकालत के साथ-साथ मधुकरराव जी जीवनभर राष्ट्र निर्माण के कार्य में समर्पित रहे। अपनी युवावस्था में उन्होंने लंबा समय गुजरात में बिताया और संघ कार्य की मजबूत नींव रखी।'
'मधुकरराव ने मोहनराव के बनाया पारसमणि'
उन्होंने कहा, 'राष्ट्र निर्माण के प्रति मधुकरराव जी का ऐसा जुनून था कि इसने उनके बेटे, मोहनराव को भारत के पुनर्निर्माण के लिए काम करने के लिए प्रेरित किया। यह ऐसा है मानो पारसमणि मधुकरराव ने मोहनराव में एक और पारसमणि तैयार किया।" प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र के ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों, विशेष रूप से विदर्भ में, एक प्रचारक के रूप में भागवत के काम की सराहना की। उनका मानना है कि इस अनुभव ने गरीबों और वंचितों के सामने आने वाली चुनौतियों के प्रति उनकी समझ को आकार दिया है। मोदी ने कहा कि 'भागवत की लोगों से स्वाभाविक रूप से जुड़ने की क्षमता ने कई युवाओं को संघ में शामिल होने के लिए प्रेरित किया है।'
जन आंदोलनों में सक्रिय रूप से भाग लेेने के लिए प्रेरित किया: PM मोदी
उन्होंने आरएसएस प्रमुख की इस बात के लिए भी प्रशंसा की कि 'उन्होंने संघ के स्वयंसेवकों को 'स्वच्छ भारत मिशन' और 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' जैसे सरकार द्वारा शुरू किए गए जन आंदोलनों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। प्रधानमंत्री ने इसे एक सुखद संयोग बताया कि इस साल 'विजया दशमी', 'गांधी जयंती', 'लाल बहादुर शास्त्री जयंती' और 'आरएसएस 'शताब्दी समारोह एक ही दिन पड़ रहे हैं।
सामूहिक चेतना को ऊर्जा प्रदान करता है: PM मोदी
उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर भारत और दुनिया भर में संघ से जुड़े लाखों लोगों के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा। प्रधानमंत्री ने कहा, 'इस साल की शुरुआत में, नागपुर में माधव नेत्र चिकित्सालय के उद्घाटन के दौरान, मैंने टिप्पणी की थी कि आरएसएस एक अक्षयवट, एक शाश्वत बरगद के पेड़ की तरह है जो हमारे राष्ट्र की राष्ट्रीय संस्कृति और सामूहिक चेतना को ऊर्जा प्रदान करता है।'












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