'अपनी राजनीति राज्यसभा के लिए बचाकर रखिए', राहुल के वकील सिंघवी को सुप्रीम कोर्ट ने क्यों दी सलाह
Supreme Court in Modi surname defamation case: सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा गुजरात हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की। गुजरात हाई कोर्ट ने 'मोदी सरनेम' टिप्पणी पर मानहानि मामले में उनकी सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।
'मोदी सरनेम' टिप्पणी मामले में राहुल गांधी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि ''अभी तक वायनाड निर्वाचन क्षेत्र के लिए अब तक अधिसूचना जारी नहीं हुई, क्योंकि इन्हें मालूम है कि ये जीतेंगे नहीं।''

अभिषेक मनु सिंघवी के तर्क पर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बीआर ने गवई कहा, ''केस को राजनीतिक मत बनाइए। आप और जेठमलानी जी अपनी राजनीति राज्यसभा के लिए बचाकर रखिए।"
अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि मोदी सरनेम मामले के शिकायतकर्ता पूर्णेश मोदी का मूल उपनाम 'मोदी' नहीं है और उन्होंने बाद में यह उपनाम अपनाया है। राहुल गांधी ने अपने भाषण के दौरान जिन लोगों का नाम लिया था, उनमें से एक ने भी मुकदमा नहीं किया...इस समुदाय से केवल भाजपा के पदाधिकारी मुकदमा कर रहे हैं।
अभिषेक मनु सिंघवी का कहना है कि जज इसे नैतिक अधमता से जुड़ा गंभीर अपराध मानते हैं। जबकि यह गैर-संज्ञेय, जमानती और समझौता योग्य अपराध है। ये अपराध समाज के विरुद्ध नहीं था, ये कोई अपहरण, बलात्कार या हत्या नहीं था। यह नैतिक अधमता से जुड़ा अपराध कैसे बन सकता है?
वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी का कहना है कि गांधी पहले ही संसद के दो सत्रों से चूक चुके हैं। लोकतंत्र में हमारे पास असहमति है, लोकतंत्र में हमारे पास असहमति है। जिसे हम 'शालीन भाषा' कहते हैं। गांधी कोई कट्टर अपराधी नहीं हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा कई मामले दायर किए गए हैं, लेकिन कभी कोई सजा नहीं हुई है।












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