कृषि बिल: स्मृति ईरानी बोलीं-6 साल में पीएम मोदी ने बिचौलिया मुक्त किया भारत
नई दिल्ली। किसान बिलों के मुद्दे पर विपक्षी दलों के अलावा देश के करीब 250 छोटे बड़े किसान संगठनों ने 25 सितंबर शुक्रवार के राष्ट्रव्यापी बंद को सफल बनाने के लिए कमर कस ली है। बिल को लेकर हो रहे लगातार प्रदर्शनों पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि, कांग्रेस अपने 10 साल के कार्यकाल में स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू नहीं कर पाई। मोदी सरकार ने इसे लागू किया और 1.5 गुना ज्यादा एमएसपी दिया। किसान सम्मान निधि योजना के तहत, 90 करोड़ से ज्यादा रुपये 10 करोड़ से ज्यादा किसानों के खातों में डाले गए हैं।

स्मृति ईरानी ने कहा कि ये साफ है कि मोदी सरकार किसानों के फायदे के बारे में सोच रही है। हमें ये समझना होगा कि जब सरकार संसद में कुछ कहती है तो यह देश की जनता के प्रति उसका वादा होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने छह सालों के कार्यकाल में लोगों के हित के लिए काम किए हैं न कि राजनीतिक फायदे के लिए. 2014 और 2019 में मोदी जी ने वादा किया था कि वह भारत को बिचौलिया मुक्त बनाएंगे।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि, बिल किसानों को उनकी उपज का स्वतंत्र रूप से व्यापार करने की अनुमति देता है, किसानों की जमीन को सुरक्षित करता है और यह सुनिश्चित करता है कि व्यापारियों को किसानों को अधिकतम तीन दिनों के भीतर भुगतान करना होगा। फिर, विपक्ष इन विधेयकों का विरोध क्यों कर रहा है? बता दें कि बुधवार को देशभर में किसानों ने बिल के विरोध में प्रदर्शन किया।
उधर कृषि विधेयकों को राज्यसभा में पास कराए जाने के तरीके को लेकर विपक्षी सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात कर उनसे इन बिलों को मंजूरी न देने की गुजारिश की। मुलाकात के बाद राष्ट्रपति भवन के बाहर मीडिया से बातचीत में राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सदन में हुए हंगामे के लिए विपक्ष नहीं, बल्कि सरकार जिम्मेदार है। दूसरी तरफ, तमाम विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में 'मोदी सरकार हाय-हाय' और 'शेम-शेम' के नारे लगाए।












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