बोस परिवार को मोदी सरकार का बड़ा झटका, जासूसी की जांच की कोई योजना नहीं
नई दिल्ली। नेताजी सुभाष चंद्र बोस को चाहने वाले करोड़ो भारतीयों को केंद्र की मोदी सरकार ने बड़ा झटका दिया है। नेताजी के परिवार की आजादी के बाद भी 20 साल तक हुई जासूसी के खिलाफ केंद्र सरकार ने जांच से इनकार कर दिया है।

लोकसभा में आज सत्र के दौरान एक सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हरिभाई चौधरी ने कहा कि सरकार का नेताजी की जासूसी के खिलाफ जांच का मौजूदा वक्त में कोई भी योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में नेताजी से जुड़े खुफिया दस्तावेज जोकि खोसला कमीशन और मुखर्जी कमीशन की जांच में शामिल थे पहले ही सार्वजनिक किये जा चुके हैं और उन्हें नेशनल आर्काइव ऑफ इंडिया में भेज दिया गया है।
वहीं चौधरी ने कहा कि नेताजी से जुड़े कुछ दस्तावेज पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्र सरकार के पास भी खुफिया दस्तावेजों के तौर पर मौजूद हैं जिन्हें सार्वजनिक नहीं किया गया है। गौरतलब है कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर नेताजी के परिवार की आजादी के बाद 20 साल तक जासूसी कराने का आरोप लगा था। जिसके समर्थन में कई दस्तावेज भी लोगों के सामने आये थे।












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